नई दिल्ली, जुलाई 16। अगर आप जल्दी ही अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का सोच रहे हो तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय सड़क और मोटर्स मंत्रालय ने जुलाई 2022 से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों में कुछ बदलाव किया है। इस नए नियम के बाद अब आपको आरटीओ में जाकर कोई टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी। नए नियम के बाद अब आपको आरटीओ ऑफिस जाकर लाइन लगाने और टेस्ट देने के झंझट में नहीं पड़ना होगा।
जटिल थी प्रक्रिया
देश में ड्राइविंग लाइसेंस और लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नियम में समय-समय पर बदलाव होता रहता है, सरकार ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और और क्वालिटी के लिए नियम बदलती रहती है। हाल के कुछ बदलावों से लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया काफी जटिल हो गई थी। अभी कुछ दिन पहले ही सरकार ने नियम बदल के लोगों को अपने जिले से ही लाइसेंस बनवाने को कहा था। अब सरकार ने लोगों को लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में थोड़ी ढील दी है।
ट्रेनिंग सेंटर की भूमिका होगी अहम
सरकार के नए नियम के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के प्रक्रिया में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। ऐसे सभी ट्रेनिंग सेंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और केंद्र सरकार के अंडर काम करेंगे, अब अगर कोई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना चाहता है तो उसे पहले ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग लेकर सर्टिफिकेट लेना होगा। अब लोगों को ट्रेनिंग सेंटर में एडमिशन लेना पड़ेगा, एडमिशन के लिए आपको टेस्ट देना पड़ेगा जिसे पास करने के बाद आपकी ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। ट्रेनिंग के बाद ट्रेनिंग सेंटर के सर्टिफिकेट के साथ ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आपको आरटीओ जाकर कोई टेस्ट नहीं देना होगा।
ट्रेनिंग सर्टिफिकेट ही दिलाएगा
नए नियम के बाद अब ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट के आधार पर ही लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकेंगे। लोगों को बार-बार रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस जाकर लाइन लगाना और टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। ट्रेनिंग के दौरान लोगों को यातायात और वाहन चलाने संबंधित थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों की शिक्षा दी जाएगी। ट्रेनिंग सेंटर सभी अत्याधुनिक मानकों से सुसज्जित होंगे। यहां सभी तरह के ट्रैक और इक्विपमेंट उपलब्ध रहेंगे। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आपको 1 महीने में 29 घंटे की ट्रेनिंग लेनी होगी।


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