नयी दिल्ली। प्याज की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। देश भर में कई प्याज के दाम 100-120 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गये हैं। इसकी बड़ी वजह प्याज की आपूर्ति में कमी है। सरकार विदेशों से प्याज मंगा रही है, मगर प्याज के मौजूदा आम आदमी के बजट से बाहर जा रहे हैं। सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 1.2 लाख टन प्याज का आयात करने का निर्णय लिया है। आपको बता दें कि एक साल पहले के मुकाबले राजधानी दिल्ली में प्याज के दाम गुना पहुँच गये हैं। आपको बता दें कि 29 नवंबर 2018 को दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज का होलसेल भाव 2.5 से 16 रुपये प्रति किलो था, जबकि 29 नवंबर 2019 को यही दाम 20 से 62.50 रुपये प्रति किलो थे। प्याज से जुड़े कारोबारी बताते हैं कि खपत के मुकाबले सप्लाई कम होने की वजह से प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आँकड़ों के मुताबिक बीते शुक्रवार को आजादपुर मंडी करीब 1045 टन प्याज थी, जबकि दिल्ली की रोजाना प्याज की खपत 2000 टन है।

दालें भी हो रही महंगी
प्याज के साथ-साथ आम आदमी को दालों के बढ़ते दाम भी परेशान कर रहे हैं। दरअसल देर से शरद ऋतु की बारिश इस सीजन में घरेलू फसल उत्पादन में गिरावट का कारण बन गयी है। कम उत्पादन से दालों के दाम बढ़ रहे हैं। दलहन व्यापारी चाहते हैं कि केंद्र देश में स्थिर उपलब्धता और स्थिर कीमतें सुनिश्चित करने के लिए 5-6 लाख टन उड़द, अरहर और पीली मटर के अतिरिक्त आयात की अनुमति दे। मुंबई में उड़द की दाल का थोक भाव 70 रुपये प्रति किलो और मूंग दाल का भाव 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 65 रुपये प्रति किलो हो गये हैं। इंडिया निवेश कमोडिटीज के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन कहते हैं कि ज्यादातर दालों की कीमतें सितंबर से धीरे-धीरे बढ़ रही हैं और यह फरवरी के आखिर, जब खरीफ की फसल काटी जाती है, तक बढ़ती रह सकती हैं।
आयात ही एकमात्र रास्ता
प्याज और दालों की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लगाने के लिए आयात बढ़ाने की मांग की जा रही है। वर्तमान में सरकारी एजेंसी के पास 34.25 लाख टन दालें हैं, जिनमें 19 लाख टन चना, 6 लाख टन अरहर, 4.5 लाख टन उड़द, 2.8 लाख टन मूंग और 1.5 लाख टन मसूर दाल शामिल हैं। मगर फिर भी 5-6 लाख टन दालों के आयात की जरूरत बतायी जा रही है। वहीं प्याज की कीमतें बढ़ने से रोकने के लिए भी आयात किया जा रहा है। बता दें कि सरकारी कंपनी एमएमटीसी 6,090 टन प्याज का आयात कर रही है।
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