US Tariff Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही व्यापारिक साझेदारों को उनकी टैरिफ दरों के बारे में सूचित करने के लिए पत्र भेजना शुरू कर देगा. उच्च अमेरिकी लेवी से बचने के लिए बातचीत अंतिम चरण में प्रवेश कर रही है. उन्होंने बताया कि 10-12 देशों को शुक्रवार को पत्र मिलेंगे और उनका वैल्यू 60%-70% और 10%-20% के बीच होगा.
1 अगस्त से लागू होगा टैरिफ
ट्रंप ने कहा कि देशों को 1 अगस्त से टैरिफ का भुगतान करना होगा. उन्होंने गुरुवार देर रात (अमेरिकी समय) कहा, कि उन्हें पूरी तरह से कवर किया जाएगा और उनका वैल्यू शायद 60 या 70% टैरिफ से लेकर 10 और 20% टैरिफ तक होगा. ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि "10 या 12" पत्र शुक्रवार को भेजे जाएंगे, और अतिरिक्त पत्र "अगले कुछ दिनों में" आएंगे.
ट्रंप ने लंबे समय से धमकी दी है कि यदि देश 9 जुलाई की समय सीमा तक समझौते करने में विफल रहते हैं, तो वह उन पर हाई रेट्स लगाएंगे, जिससे व्यापारिक साझेदारों के लिए खतरा बढ़ जाएगा. अब तक प्रशासन ने यूके और वियतनाम के साथ समझौतों की घोषणा की है. चीन के साथ एक ट्रेड सीजफायर पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने टिट-फॉर-टैट टैरिफ को कम किया है.
यूएस और भारत के बीच ट्रेड वार्ता
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ एक ट्रेड डील पर पहुंच सकता है, जो दोनों देशों के लिए टैरिफ में कटौती करेगा. अमेरिकी कंपनियों को भारत के 1.4 बिलियन उपभोक्ताओं के बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगा.

एग्री आइटम्स पर बातचीत जारी
अमेरिका भारत पर अमेरिकी एग्री आइटम जैसे सोयाबीन, गेहूं, मक्का, सेब, इथेनॉल और डेयरी उत्पादों पर टैरिफ कम करके अपने घरेलू बाजार को महत्वपूर्ण रूप से खोलने के लिए दबाव डाल रहा है, जिनमें से कई भारत में राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं. वाशिंगटन ने आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसलों के लिए आसान बाजार पहुंच की भी मांग की है, जिसका नई दिल्ली ने स्वास्थ्य और नियामक चिंताओं के कारण लंबे समय से विरोध किया है.
हालांकि, भारत ने अपने छोटे किसानों और खाद्य सुरक्षा प्रणाली खास तौर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था की रक्षा करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए झुकने से इनकार कर दिया है. भारत का कृषि क्षेत्र आधी से अधिक आबादी का समर्थन करता है. एग्री टैरिफ में कोई भी कमी या आयात नीति में बदलाव घरेलू फसल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है.
भारतीय किसानों को कम कर सकता है और राजनीतिक प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकता है. इसके अलावा अमेरिका को भारी सब्सिडी वाली कृषि वस्तुओं को भारतीय बाजार में डंप करने की अनुमति देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाएगी और खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में वर्षों के काम को कमजोर किया जाएगा.
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 25 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल! जानिए 24, 22k, 18k गोल्ड रेट

Gold Rate Today: 28 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में आया उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 25 मार्च को चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी, ₹20,000 उछाल! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 26 मार्च को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में उछाल! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 27 मार्च को फिर से सोने की कीमतों में तेजी! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Happy Ram Navami 2026: आज है राम नवमी! इन खास मैसेज से करें अपनों का दिन खास

Silver Price Today: 29 मार्च रविवार को चांदी सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: 29 मार्च को सोना सस्ता हुआ या महंगा? खरीदने से पहले जानें आज का ताजा भाव

Silver Price Today: 28 मार्च को चांदी की कीमतों में उछाल, जानिए प्रति किलो कितना महंगा हुआ चांदी का भाव

Silver Price Today: 26 मार्च को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! प्रति किलो चांदी सस्ता हुआ या महंगा?

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?



Click it and Unblock the Notifications