Trump on Tariff: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अमेरिकी दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की. हालांकि, दोनों नेताओं की मीटिंग से पहले अमेरिका ने भारत जैसे देशों को लक्षित करते हुए पारस्परिक टैरिफ नीति (Reciprocal Tariffs) का ऐलान कर दिया. इसका मतलब है कि अमेरिका अन्य देशों के सामानों पर भी वही टैरिफ लगाएगा जो वह अमेरिकी उत्पादों पर लगाता है.
प्रेसिडेंट डोनालड ट्रंप (Donald Trump) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मिलने से ठीक पहले इस कार्यकारी आदेश पर साइन किए. साथ ही उन्होंने भारत के हाई टैरिफ की आलोचना भी की. इस पर उन्होने भारत में हार्ले डेविडसन के संघर्ष का हवाला दिया. ट्रंप ने भारत को "हाई टैरिफ" वाला देश करार दिया और साफ कर दिया कि कोई रियायत नहीं दी जाएगी.
कब से लागू होगा टैरिफ?
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से गुरुवार को शुरू किए गए टैरिफ तुरंत लागू नहीं होंगे. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक यह देरी रणनीतिक है, जिससे देशों को अमेरिका के साथ व्यापार शर्तों पर फिर से बातचीत करने का समय मिल जाएगा.

भारतीय ट्रेड पर टैरिफ का असर (Tariff Impact on India)
पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) के ऐलान का असर भारत पर भी पड़ सकता है. क्योंकि अगर अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाता है, तो इसका भारत के एक्सपोर्ट पर निगेटिव असर पड़ सकता है. बता दें कि अमेरिका भारत (US-India Trade Partnership) का एक अहम ट्रेड पार्टनर है, जो इसके फॉरेन ट्रेड का 17% से ज्यादा हिस्सा है.
अमेरिका के इस कदम से अमेरिकी ग्राहकों को भारतीय प्रोडक्ट्स (Indian Products in US) के लिए अधिक कीमतों का सामना करना पड़ सकता है. नतीजतन, इससे डिमांड कमजोर हो सकती है. अमेरिका ने पिछले साल 2024 में भारत से 18 मिलियन टन चावल का इंपोर्ट किया था.
ब्रिक्स पर अमेरिका ने फिर दी धमकी (Trump on BRICS)
ट्रंप ने यह भी धमकी दी कि अगर ब्रिक्स (BRICS) देश डॉलर (US Dollar) के अलावा अन्य करेंसी का इस्तेमाल करते हैं, तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा. अमेरिकी प्रेसिडेंट का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से ये देश टैरिफ (Tariff) के खिलाफ दलील देंगे.
पिछले दशकों में भारत की ओर से टैरिफ (India's Tariff History)
पिछले कुछ दशकों से भारत के टैरिफ (Indian Tariff) में खासकर काफी गिरावट आई है. भारत की ओर से विदेशी सामानों पर 1990-91 में औसत टैरिफ 125% तक था. हालांकि, ग्लोबलाइजेशन के बाद इन टैरिफ (Tariff News) में काफी कमी आई है. क्योंकि टैरिफ को 2024 तक काफी घटाया, इसके तहत भारत की औसत टैरिफ दर (Tariff) घटकर 11.66% हो गई. यानी सरकार ने हाई टैरिफ रेट को और घटाकर 70% कर दिया, जिसमें लग्जरी कार टैरिफ 125% से घटकर 70% हो गया.


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