नई दिल्ली, मई 16। पिछले कुछ सालों में क्रिप्टोकरेंसी का काफी विस्तार हो चुका है। इस समय जो क्रिप्टोकरेंसी चर्चा में है वो है डॉगकॉइन। डॉगकॉइन ने बीते कुछ महीनों में कई हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है। कुछ लोग इसे बबल भी मानते हैं। बबल यानी एक तरह का छलावा। हकीकत जो भी हो, ढेरों निवेशक ऐसे हैं, जिन्होंने डॉगकॉइन से पैसा बना लिया है। कुछ निवेशक तो ऐसे हैं जो 2-3 महीनों में ही करोड़पति बन गए हैं। इन्हीं में से एक है ग्लौबर कॉन्टेसोटो। लॉस एंजिल्स के 33 वर्षीय निवासी और डॉगकॉइन निवेशक ग्लौबर कॉन्टेसोटो ने अप्रैल में दावा किया था कि वह "सिर्फ 69 दिनों" में डॉगकोइन करोड़पति बन गए। बीते गुरुवार को उन्होंने रेडिट पर एक पोस्ट डाला जिसमें उन्होंने डॉगकोइन समुदाय को "एकजुट" होने के लिए कहा। उन्होंने लोगों से अपनी डिजिटल संपत्ति न बेचने को कहा है।
लगा दी जिंदगी भर की पूंजी
ग्लौबर ने फरवरी में अपनी जिंदगी भर की सेविंग्स डॉगकॉइन में लगा दी थी। उन्होंने करीब 2.5 लाख डॉलर का निवेश किया था। मगर बाद में उनकी होल्डिंग्स करीब 20 लाख डॉलर की हो गयी। यानी उनकी निवेश राशि करीब 8 गुना बढ़ी। उन्होंने बाकी निवशकों से भी कहा कि जिसने जो भी निवेश इस क्रिप्टोकरेंसी में किया है वो उसे बरकरार रखे। उन्होंने डॉगकॉइन में गिरावट आने पर और खरीदारी की सलाह दी।
2021 में हुआ चमत्कार
2021 डॉगकॉइन के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। इस साल की शुरुआत से डॉगकॉइन की उछाल ने बहुत से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। ग्लौबर एक कॉलेज ड्रॉपआउट हैं। उनके पास फाइनेंस की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं है। यानी उनके द्वारा किया गया निवेश किसी सटीक जानकारी या अनुमान पर निर्भर नहीं है।
क्या है डॉगकॉइन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉगकॉइन को एक मजाक के तौर पर शुरू किया गया था। मगर सोशल मीडिया और मीम्स के विस्तार से अब डॉगकॉइन दुनिया की सबसे मशहूर क्रिप्टोकरेंसियों में से एक बन गयी है। बिटकॉइन और अन्य ऑल्टकॉइन का मजाक उड़ाने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों बिली मार्कस और जैक्सन पामर्स ने डॉगकॉन को वर्ष 2013 में लॉन्च किया गया था।
बिटकॉइन जैसी है डॉगकॉइन
बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी यानी आभासी मुद्रा है। बिलकुल ऐसी ही डॉगकॉइन है। जैसे दुनिया में बाकि करेंसी होती है, वेसे ही बिटक्वाइन और डॉगकॉइन हैं। बिटक्वाइन को हम केवल ऑनलाइन वॉलेट में ही रख सकते हैं। बिटक्वाइन का आविष्कार सातोशी नाकामोतो ने 2009 में किया था। इस प्रकार बिटक्वाइन एक डिसेंट्रालाइज करेंसी है। बिटक्वाइन का इस्तेमाल कोई भी कर सकता है। बिटक्वाइन पीयर टू पीयर नेटवर्क के तरीके पर काम करता है।
क्या कहते हैं जानकार
इस साल डॉगकॉइन में तगड़ी उछाल के बावजूद एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को डिजिटल करेंसियों के जोखिमों के बारे में आगाह किया है। क्योंकि इनकी कीमतें अस्थिर हैं और जितनी तेजी से वे ऊपर जा सकती हैं उतनी ही तेजी से नीच गिर सकती हैं। हालांकि, जो लोग जोखिम उठा रहे हैं। उनके लिए क्रिप्टोकरेंसी निवेश का माध्यम बनता जा रहा है।
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