Dixon Technologies Share: हफ्ते के दूसरे दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर शुरू हुआ। बीते दिन बाजार लाल निशान पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ। इजरायल और ईरान के बीच संभावित सीजफायर की खबर के बाद बाजार में हरियाली लौटती हुई दिख रही है। वहीं, अमेरिका शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद मिडिल ईस्ट में संघर्ष की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

प्रमोटर ने की बड़ी शेयर बिक्री डिक्सन शेयर में गिरावट
बाजार की अच्छी शुरुआत के बावजूद, डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। इसका मुख्य कारण कंपनी के प्रमोटर सुनील वचानी द्वारा बड़ी संख्या में शेयर बेचना रहा। उन्होंने कंपनी की कुल हिस्सेदारी का 2.8% हिस्सा बाजार में उतार दिया। डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर्स आज 0.65% के गिरावट के साथ 14460 रुपए प्रति शेयर कारोबार कर रहा है।
इस ब्लॉक डील में वचानी ने 16.7 लाख शेयर बेचे जिसकी औसत कीमत 13,301.47 रुपए प्रति शेयर रही। इस डील से उन्हें करीब 2,221 रुपए करोड़ की राशि प्राप्त हुई। शेयरों की बिक्री से जुड़ी जानकारी बाजार खुलते ही सामने आ गई, जिसके चलते निवेशकों में हलचल देखी गई और शेयर की कीमतों में दबाव पड़ा।
मोतीलाल ओसवाल MF बना बड़ा खरीदार
इस ब्लॉक डील में मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड प्रमुख खरीदार के तौर पर सामने आया। इस फंड ने 14.5 लाख शेयर खरीदे, जिनकी औसत खरीद कीमत 13,307.96 रुपए प्रति शेयर रही। इस हिसाब से डील की कुल वैल्यू लगभग 1,924 करोड़ रुपए रही।
क्या कहता है बाजार का मूड?
हालांकि बाजार में कुल मिलाकर पॉजिटिव माहौल देखने को मिला, लेकिन डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर इस बड़ी डील के बाद दबाव में आ गए। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रमोटर द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी बेचना शॉर्ट टर्म रूप से निवेशकों को चिंतित कर सकता है। हालांकि, ब्लॉक डील में म्यूचुअल फंड की बड़ी खरीद यह भी दर्शाती है कि फंड हाउस को कंपनी के भविष्य में भरोसा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
प्रमोटर की हिस्सेदारी में कटौती को निवेशक निगरानी में रखेंगे। हालांकि, कंपनी के फंडामेंटल्स पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की हिस्सेदारी बिक्री कई बार पोर्टफोलियो रीयलाइज़ेशन या प्राइवेट कारणों से होती है। अगर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है, तो शेयर में दोबारा स्थिरता आ सकती है।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज से जुड़ी यह बड़ी ब्लॉक डील फिक्स रूप से बाजार में चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर प्रमोटर की हिस्सेदारी में कटौती से शेयर दबाव में दिखे, वहीं दूसरी ओर एक भरोसेमंद फंड हाउस की बड़ी खरीद कंपनी में विश्वास को भी दिखाती है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इस स्टॉक की चाल पर बनी रहेगी।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)


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