Muhurat Trading 2024 Date and Time: देशभर में फेस्टिव सीजन की धूम है. नवरात्रि के बाद आगे दशहरा और धनतेरस है. फिर आगे दिवाली का त्यौहार है. इस दिवाली विक्रम संवत 2081 शुरू होने जा रहा है. भारतीय शेयर बाजार के लिए दिवाली काफी शुभ माना जाता है. इसीलिए एक स्पेशल सेशन का आयोजन किया जाता है. इसे मुहूर्त ट्रेडिंग के रूप में जाना जाता है. मुहूर्त ट्रेडिंग भारत में ट्रेडर्स द्वारा अपनाई जाने वाली शेयर बाजार में एक आम रस्म है, जोकि एक घंटे का समय होता है. इसे दिवाली के दिन शेयरों में निवेश के लिए शुभ माना जाता है. बता दें कि स्टॉक एक्सचेंज हर साल मुहूर्त ट्रेडिंग का समय तय करते हैं.
शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग केवल एक प्रतीकात्मक ट्रेडिंग होती है, जिसमें सिर्फ अच्छे साल की कामना के लिए मार्केट में पैसा लगाया जाता है. इस दौरान निवेशक बहुत ज्यादा खरीदारी तो नहीं करते, लेकिन थोड़ा-बहुत निवेश करते हैं. आम तौर पर इस दिन बहुत कम ही लोग शेयर बेचते हैं. मार्केट में मुहूर्त ट्रेडिंग का काफी सिंबोलिक महत्व होता है.

2024 में कब है मुहूर्त ट्रेडिंग?
ऐसी मान्यता है कि इस एक घंटे के दौरान ट्रेड करने वाले लोगों को पूरे साल धन कमाने और समृद्धि प्राप्त करने का बेहतर मौका मिलता है. यह 1 घंटे की अवधि शुभ दिवाली की शाम के दौरान होती है. मुहूर्त ट्रेंडिंग में ज़्यादातर लोग धन की देवी लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में शेयर खरीदना पसंद करते हैं. एक्सचेंज ने इस साल मुहूर्त ट्रेडिंग शुक्रवार, 01 नवंबर, 2024 को आयोजित करने की तारीख तय की है, क्योंकि इसी दिन देशभर में दिवाली मनाई जाएगी. हालांकि, मुहूर्त ट्रेंडिंग के लिए समय नहीं हुआ है, जोकि 1 घंटे का होता है.
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन क्या-क्या होता है?
दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग होती है. इस दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE दोनों सीमित समय के लिए ट्रेडिंग की अनुमति देते हैं. आमतौर पर सत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है...
-ब्लॉक डील सेशन- यहां दो पार्टी एक फिक्स प्राइस पर सिक्योरिटीज खरीदने/बेचने के लिए सहमत होते हैं. साथ ही इसके बारे में स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हैं.
-प्री-ओपन सेशन- इसमें स्टॉक एक्सचेंज बैलेंस प्राइस फिक्स करते हैं, जोकि करीब 8 मिनट का होता है.
-नॉर्मल मार्केट सेशन- यह एक घंटे का सेशन होता है, जिसमें ज्यादातर ट्रेडिंग होती है
-क्लोजिंग सेशन- इसमें ट्रेडर/निवेशक क्लोजिंग प्राइस पर मार्केट ऑर्डर दे सकते हैं.
मुहूर्त ट्रेंडिंग का क्या है इतिहास?
हर साल दिवाली (Diwali) के दिन शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग होती है. यह प्रथा काफी पुरानी है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत साल 1957 में की थी, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने इसकी शुरुआत साल 1992 में की. दिवाली के दिन 'चोपड़ा पूजन' होता है. साथ ही बही-खातों की पूजा होती है. मुहूर्त ट्रेडिंग पर कारोबारी और निवेशक शेयर ट्रेड करते हैं.


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