Diwali 2025: मां लक्ष्मी हैं धन की देवी फिर भी साथ में क्यों होती है कुबेर की पूजा? जानें इसका रहस्य

Diwali 2025: धन और संपत्ति की देवी मां लक्ष्मी की पूजा दीपावली में होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी घर में धन, सुख और समृद्धि लेकर आती हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस शुभ अवसर पर भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है और हिंदू परंपरा में इनकी पूजा भी उतनी ही जरूरी मानी गई है।

इसके पीछे कई मान्यताएं हैं। तो चलिए आज आपको बतातें हैं कि दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा क्यों होती है? इसके पीछे क्या रहस्य है? साथ में यह भी जानते हैं कि कुबेर पूजन कैसे करें?

कौन हैं भगवान कुबेर और मां लक्ष्मी के साथ पूजन का क्या है संबंध?

दरअसल, हिन्दू मान्यता में जहां मां लक्ष्मी को 'धन की दात्री' हैं, वहीं भगवान कुबेर 'धन के रक्षक' माने गए हैं। पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, भगवान कुबेर, ऋषि विश्रवा के पुत्र और रावण के सौतेले भाई हैं...भगवान शिव ने उन्हें उत्तर दिशा का स्वामी और धन का अधिपति या कोषाध्यक्ष बनाया है... यानि कि ब्रह्मांड में जो भी धन और समृद्धि है, उसका संरक्षण भगवान कुबेर के अधीन है। पुराणों में बताया गया है कि भगवान कुबेर अलकापुरी नामक नगरी में निवास करते हैं जहां अपार धन, रत्न और वैभव है।

Diwali 2025 Lakshmi Kubera Puja

अब सवाल है कि मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा क्यों होती है, इसका क्या रहस्य है? तो चूंकि लक्ष्मी जी धन की देवी हैं, लेकिन उनका धन तभी स्थायी होता है, जब कुबेर देव की कृपा उस पर बनी रहे। इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है- "लक्ष्मी-कुबेर समं पूज्यं, धनं धान्यं च वर्धते।" अर्थात - "जो व्यक्ति लक्ष्मी और कुबेर, दोनों की पूजा करता है, उसका धन और वैभव निरंतर बढ़ता रहता है।"

दीपावली की रात जब धन और शुभ ऊर्जा का संगम होता है, तब लक्ष्मी जी से धन की प्राप्ति और कुबेर जी से उसकी सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है। यही कारण है कि इस रात लक्ष्मी-कुबेर संयुक्त पूजन को अत्यंत शुभ माना गया है।

भगवान कुबेर की पूजा कैसे करें?

दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के साथ भगवान कुबेर की मूर्ति या चित्र को भी स्थापित करें। उनके सामने स्वर्ण या चांदी का सिक्का, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद शास्त्रों में वर्णित भगवान कुबेर के मंत्र - "ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः।" का 11 बार जप करें। इससे जीवन में धन की स्थिरता, व्यवसाय में उन्नति और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसका सार यही है कि जहां लक्ष्मी हैं, वहां कुबेर की कृपा होनी ही चाहिए तभी आपके जीवन में आर्थिक उन्नति के साथ प्रगति आएगी।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+