नई दिल्ली, अप्रैल 7। भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी हाल के दिनों में भारतीय कार बाजार में अपनी हिस्सेदारी खो रही है। अधिक खरीदारों को आकर्षित करने और सेल्स नंबर बढ़ाने के लिए, कार निर्माता इस महीने कुछ आकर्षक छूट दे रही है। यहां, आप मारुति सुजुकी की नेक्सा कारों पर उपलब्ध सभी डील्स को चेक कर सकते हैं।
इग्निस और सिएज
नेक्सा रेंज में सबसे किफायती मॉडल मारुति इग्निस है। इस कार के मैनुअल वर्जन पर 20,000 पर रुपये की नकद छूट है। एएमटी वर्जन पर कोई कैश डिस्काउंट नहीं है। इग्निस के सभी वेरिएंट पर 10,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस मिल रहा है। साथ ही 3000 रु की कॉर्पोरेट छूट दी जा रही है। मारुति सियाज पर अभी कोई कैश डिस्काउंट नहीं है। पर सेडान कार पर एक्सचेंज बोनस उपलब्ध है, जो 25,000 रुपये का है। साथ ही 5000 रु की कॉर्पोरेट छूट भी उपलब्ध है।
इन कारों पर नहीं है कोई छूट
एक्सएल6 और हाल ही में पेश किए गए बलेनो फेसलिफ्ट पर, फिलहाल कोई आधिकारिक डील उपलब्ध नहीं है। मारुति एस-क्रॉस के 'जेटा' ट्रिम पर 17,000 रुपये की नकद छूट है, जबकि एसयूवी के अन्य ट्रिम्स पर 12,000 रुपये की छूट है। इंडो-जापानी कार निर्माता की इस कार पर 25,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस और 5,000 रुपये का कॉर्पोरेट डिस्काउंट भी उपलब्ध है।
आगे क्या है प्लान
मारुति सुजुकी पुराने एस-क्रॉस को पूरी तरह से नए मॉडल से बदलने की योजना बना रही है, जिसे टोयोटा के साथ साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। यह नया मॉडल वर्तमान में रोड टेस्टिंग से गुजर रहा है, और यह एक मजबूत-हाइब्रिड पावरट्रेन द्वारा संचालित हो सकता है। इस नई एसयूवी को इस साल के अंत में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।
एक्सएल6 का नया मॉडल
इसके अलावा मारुति सुजुकी इस महीने के अंत में एक्सएल6 एमवीपी को मिडलाइफ फेसलिफ्ट देगी। अपडेट किए गए मॉडल में बाहरी डिज़ाइन में मामूली बदलाव होंगे, और कुछ अतिरिक्त सुविधाओं और उपकरणों सहित इंटीरियर में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
मारुति की मार्च सेल्स
मार्च 2021 में बेची गई 11547 इकाइयों से इसकी बिक्री 20 प्रतिशत घट कर 9221 इकाई की रही। मारुति सुजुकी इंडिया ने 1,70,395 इकाई की बिक्री के साथ मार्च में कुल थोक बिक्री में दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। हालांकि कंपनी की घरेलू बिक्री सात प्रतिशत घटकर 1,43,899 इकाई रह गई जो मार्च 2021 में 1,55,417 इकाई थी। भारत में मारुति के लिए यह एक कठिन समय है। मारुति ने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष में अपनी बाजार हिस्सेदारी को आठ साल के निचले स्तर (43%) तक गिरते देखा। केवल तीन वर्षों में इसकी बाजार हिस्सेदारी में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। वित्त वर्ष 2013-14 में मारुति सुजुकी की 42% बाजार हिस्सेदारी रही थी। यूटिलिटी व्हीकल्स (यूवी) की बढ़ती मांग जैसे कारकों ने भी मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2021-22 (अप्रैल-फरवरी) में कुल यात्री वाहनों की बिक्री में यूवी की हिस्सेदारी 45.5% रही। 2021-22 में हुंडई की बाजार हिस्सेदारी 15.78% रही, जबकि टाटा की हिस्सेदारी 2008-9 से 12.1% के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई। किआ इंडिया को भी फायदा हुआ है।


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