नई दिल्ली, सितंबर 01। साल के सभी महीनों के पहली तारिख को सरकार तमाम क्षेत्रों के परिचालन के नियमों में बदलाव करती है। जरूरी या गैर जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के उतार चढाव से संबंधित भी निर्णय लिए जाते हैं। ये कुछ ऐसे फैसले होते हैं जिनका सीधा असर आम नागरिक के जेब पर पड़ता है। सितंबर महीने के पहली तारिख से भी कुछ नियमों में बदलाव हो रहा है। आइए जानते हैं कि आज से क्या ऐसे बदलाव हो रहें हैं जो आम जनमानस को प्रत्यक्ष रुप से प्रभावित करेंगे।
एलपीजी सिलेंडर के किमतों में होगी गिरावट
तेल वितरक कंपनियों ने 1 सितंबर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के कीमतों को घटाने का फैसला किया है। आज से एलपीजी के कामर्शियल सिलेंडर के दाम में 100 रुपए तक की गिरावट आएगी। सिलेंडर की कीमतों में कमी के ऐलान के बाद अब राजधानी दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 91.50 रुपए की गिरावट आएगी। सिलेंड के दाम कोलकाता में 100 रुपए, इकोनॉमिक कैपिटल मुंबई में 92.50 रुपए और चेन्नई में 96 रुपए सस्ता हो जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे पर चलना होगा महंगा
नोएडा को आगरा से जोड़ने वाली यमुना एक्सप्रेसवे के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने पिछले महीने टोल के कीमतों में इजाफा करने का फैसला किया था। आज 1 सितंबर से यह बढ़ी हुई किमते लागू हो रही हैं। टोल टैक्स के नए किमतों के लागू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे का सफर महंगा हो जाएगा। अब एक्सप्रेसवे पर छोटे वाहनों को प्रति किलोमिटर 10 पैसे से भी अधिक टोल चुकान होगा। भरी वाहनों को 52 पैसे के लगभग प्रतिकिलोमिटर के दर से टोल टैक्स चुकाना होगा।
गाजियाबाद में प्रापर्टी खरीदना होगा महंगा
अगर आप दिल्ली एनसीआर के महानरग गाजियाबाद में घर, जमीन या कामर्शियल इस्टैबलिशमेंट खरीदना चाहतें हैं तो अब आपको अधिक किमत चुकानी होगी। सरकार ने गाजियाबार शहर के शर्किल रेट में 2 से 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। जिसके कारण गाजियाबाद में प्रापर्टी खरीदना आज से यानी कि 1 सितंबर से महंगा हो जाएगा।
इंश्योरेंस से मिलने वाले कमीशन के नियमों में बदलाव
भारत की इंश्योरेंस नियामक संस्थान आईआरडीएआई ने इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा बीमा एजेंट को दिए जाने वाले कमीशन पर कैप लगाने का निर्णय लिया है। कमीशन पर लगे कैप के बाद इंश्योरेंस कंपनियां को अब एजेंट को 20 फीसदी से अधिक कमीशन देने की अनुमति नहीं होगी। पहले बीमा कंपनियां एजेंटो को 35 प्रतिशत तक कमिशन देती थी। नए प्रावधानों के बाद अब 1 सिंतबर से 20 फीसदी से अधिक कमीशन की अनुमति नहीं होगी।


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