नई दिल्ली, मार्च 29। कोविड-19 महामारी आने के बाद से शेयरों में भारी मात्रा में निवेश किया गया। इससे बड़ी संख्या में भारतीय शेयरों ने निवेशकों को बड़े पैमाने पर रिटर्न दिया। कई शेयरों ने निवेशकों का पैसा कई कई गुना कर दिया। हालांकि दलाल स्ट्रीट पर सब कुछ गोल्ड में नहीं बदला, क्योंकि पिछले 105 हफ्तों में कुछ नाम ऐसे भी हैं जो सकारात्मक रिटर्न देने में विफल रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 30 कंपनियों ने निवेशकों को निगेटिव रिटर्न दिया है। इनमें कई शेयर ऐसे हैं, जिन्होंने निवेशकों की दौलत को काफी हद तक घटा दिया। सर्वाधिक नुकसान कराने वाले शेयर ने 78 फीसदी तक नुकसान कराया।
क्यों आई गिरावट
बाजार जानकारों का मानना कि इनमें से अधिकांश शेयरों की अपनी समस्याएं रही हैं। जैसे कि हाई लोन, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और खराब कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रथाएं, जबकि कुछ कंपनियां कमजोर उपभोक्ता मांग से जूझती रही हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सेबी के एक पंजीकृत निवेश सलाहकार ने कहा कि महामारी के पतन और सभी सेक्टरों में बड़ी रिकवरी के बाद बाजार में तेजी के बावजूद, कुछ स्टॉक महामारी से पहले के स्तर से ऊपर नहीं उठ पाए हैं।
ये शेयर गिरा सर्वाधिक
कंज्यूमर और फाइनेंस क्षेत्रों के बड़े नामों में गिरावट से पता चलता है कि उपभोक्ता मांग धीमी हुई और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर महामारी का भारी प्रभाव रहा। किशोर बियानी का फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन 78 फीसदी की गिरावट के साथ गिरावट वाले शेयरों की लिस्ट में सबसे ऊपर है। 28 मार्च, 2022 को इसका शेयर गिर कर 36.8 रुपये का हो गया, जो 23 मार्च 2020 को 168.35 रुपये पर बंद हुआ था।
ये शेयर भी गिरे
फ्यूचर ग्रुप की अन्य कंपनियों में फ्यूचर रिटेल और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस में क्रमशः 68 प्रतिशत और 66 प्रतिशत की गिरावट आई। फ्यूचर कंज्यूमर और फ्यूचर एंटरप्राइजेज प्रत्येक में 40 प्रतिशत से अधिक नीचे हैं। कर्ज में डूबा फ्यूचर ग्रुप रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल के नेतृत्व में अरबपति मुकेश अंबानी को अपना कारोबार बेचने को लेकर अमेजन इंडिया के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
इन शेयरों में भी आई गिरावट
बीते 2 सालों के दौरान जीई पावर इंडिया लगभग 72 प्रतिशत गिर गया क्योंकि वाउचर 488.2 रुपये से गिरकर 138.3 रुपये हो गया। इसके बाद निजी बैंक यस बैंक का नंबर आता है, जो 39.75 रुपये से 68 प्रतिशत गिरकर 12.58 रुपये का हो गया। रियल एस्टेट खिलाड़ी ओमेक्स 47 प्रतिशत गिर गया, जबकि माइक्रोफाइनेंस ऋणदाता स्पंदना स्पूर्टी फाइनेंशियल कोविद-19 महामारी के बाद से 42 प्रतिशत गिर गया।
बाकी शेयरों की लिस्ट
सद्भाव इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, स्मॉल फाइनेंस बैंक ऑफ उज्जीवन औरम प्रॉपटेक, एशियन ग्रेनाइट इंडिया, उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज, सद्भाव इंजीनियरिंग ब्लिस जीवीएस फार्मा, टेक सॉल्यूशंस डीसीबी बैंक प्रत्येक में 20 से 40 प्रतिशत के बीच नीचे हैं। गल्फ ऑयल, स्नोमैन लॉजिस्टिक्स, हिताची एयर कंडीशनिंग, हुहतमाकी इंडिया, फेडरल-मोगुल, इंडोस्टार कैपिटल, आरबीएल बैंक, भारत रोड, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया, सिटी यूनियन बैंकजी लर्न, एचडीएफसी एएमसी ने भी इस अवधि में नकारात्मक रिटर्न दिया है। जानकार मान रहे हैं कि लगातार मुद्रास्फीति की चिंता, सप्लाई चेन में अड़चन, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध और कोविड-19 मामलों में फिर से बढ़ोतरी के कारण कुछ कंपनियों के लिए आगे कई चुनौतियां हैं।


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