Dhirubhai Ambani Birthday: मार्केट कैप के लिहाज से आज देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी का आज जन्मदिन है। धीरूभाई अंबानी 2002 में आखिरी सांस ली थी। आज वह अगर जीवित होते तो 91 साल के होते। गुजरात के एक साधारण परिवार में जन्मे धीरूभाई अंबानी के जीवन का सफर आसान नहीं था। लेकिन शायद यही बात है कि आज सब उनके जीवन से प्रेरणा ले रहे हैं। गरीबी के चलते उनको मैट्रिक के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। वहीं कम उम्र में ही यमन जाना पड़ा और पेट्रोल पंप नौकरी करनी पड़ी। यह बात अगल है कि उनके जीवित रहते ही रिलायंस के खुद के पेट्रोल पंप थी।
यमन से जब धीरूभाई लौटे तो मुंबई के किराए के मकान से रिलायंस की शुरुआत की। शुरूआत में उन्होंने कपड़े के कारोबार को आगे बढ़ाया। उसके बाद अपने बिजनेस को पेट्रोकेमिकल, रिफाइनिंग, टेलीकॉम और दूसरे क्षेत्रों में विस्तार किया और आज सब इतिहास है। अब रिलायंस देश और दुनिया का एक जाना माना नाम है।

धीरूभाई अंबानी अपने समय में देश के सबसे धनी कारोबारियों में से एक रहे थे। जब उन्होंने 2002 में आखिरी सांस ली तब वह दुनिया के 138वें सबसे अमीर कारोबारी थे। फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार उस समय उनकी कुल नेटवर्थ 2.9 अरब डॉलर थी। अगर इसे आज के डॉलर की वैल्यू से भारतीय रुपयों में देखें तो 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बैठेगी। मौजूदा समय में रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट 17.50 लाख करोड़ रुपये है। वहीं उनके निधन के समय रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट 60,000 करोड़ रुपये थी।
जानिए धीरूभाई अंबानी की कामयाबी के ये 5 सूत्र
- बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, सबसे आगे सोचो, विचारों पर किसी का भी एकाधिकार नहीं है।
- अगर आप गरीब पैदा हुए हैं, यह आपकी गलती नहीं है, लेकिन अगर आप गरीब रहकर ही मरते हैं, तो ये आपकी गलती है।
- अगर आप अपने सपनों को पूरा नहीं करते हैं, तो कोई और आपको अपने नौकरी पर रखकर अपने सपने पूरे कर लेगा।
- डेडलाइन पर काम पूरा करना अच्छा नहीं है, डेडलाइन को पछाड़ कर काम करने की चाहत पैदा कीजिए।
- युवाओं को एक सही वातावरण दीजिए, उन्हें प्रेरित कीजिए, जरूरत पड़ने पर उन्हें मदद दीजिए, उनमें से हर एक के पास ताकत का एक असीमित भंडार है, वो नतीजे देंगे।
धीरूभाई अंबानी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैक्ट्स
- धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर 1932 को भारत के गुजरात के चोरवाड गांव में हुआ था।
- उन्होंने यमन में एक पेट्रोल पंप में काम अपने करियर की शुरुआत की और खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए 1958 में भारत लौटे।
- 1966 में, धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन की स्थापना की, जो बाद में भारत के सबसे बड़े ग्रुप में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) बन गया।
- उन्होंने कैपिटल मार्केट के कांसेप्ट को आगे बढ़ाया और भारत में इक्विटी कल्चर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिलायंस इंडस्ट्रीज 1977 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली देश की पहली भारतीय कंपनी बनी।
- धीरुभाई अंबानी का व्यापारिक साम्राज्य कपड़ा उद्योग से आगे बढ़कर पेट्रोकेमिकल, रिफाइनिंग, तेल, टेलीकॉम और दूसरे क्षेत्रों तक फैला। अलग-अलग इंडस्ट्रीज में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक डायवर्सीफाई ग्रुप बनाया।
- वह इंटरप्रेन्योरशिप के जबरदस्त समर्थक थे और लोगों को अवसरों के साथ सशक्त बनाने में विश्वास करते थे। अंबानी ने छोटे निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश के माध्यम से भारत की आर्थिक वृद्धि में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
- धीरुभाई अंबानी की रणनीतिक कौशल, कैपिटल मार्केट में उनके अग्रणी प्रयास और संसाधन जुटाने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारत की बिजनेस हिस्ट्री में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बना दिया।
- धीरूभाई अंबानी की इंटरप्रेन्योरशिप यात्रा और इंडियन बिजनेस लैंडस्केप में उनका योगदान मौजूदा इंटरप्रेन्योर्स को प्रेरित करता रहता है।
नोट: यहां पर धीरुभाई अंबानी के जीवन पर जानकारी सोशल मीडिया से जुटाई गई है।


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