Dhanteras 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जीएसटी दरों में कटौती के तौर पर दिवाली उपहार दिए जाने का असर धनतेरस के मौके पर देखा गया। दरअसल, धनतेरस के शुभ अवसर पर सोना-चांदी से लेकर तमाम तरह की चीजों की खरीदारी की जाती है और इस साल जबरदस्त खरीदारी कर लोगों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

इस साल भारतीय बाजारों में लोगों ने देशभर में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की है, जिसमें सबसे बड़ा योगदान सोना और चांदी की बिक्री का रहा है। धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में इसकी बिक्री का बढ़ना स्वाभाविक है।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, धनतेरस के दिन अकेले बुलियन मार्केट यानी सर्राफा बाजार से लगभग 60,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई है जो पिछले साल की तुलना में 25% अधिक है। CAIT के ज्वेलरी चैप्टर, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया, "पिछले दो दिनों में ज्वेलरी मार्केट में शानदार भीड़ देखी गई है। केवल दिल्ली के बुलियन बाजारों में ही 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री देखने को मिली है।"
24-कैरेट के 10 ग्राम सोने के सिक्कों की डिमांड सबसे ज्यादा
बाजार में इस धनतेरस पर सबसे ज्यादा मांग 24-कैरेट के 10 ग्राम सोने के सिक्कों की रही। इनकी कीमत लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति सिक्का थी। वहीं, ज्वैलरी की बात करें तो हल्के-फुल्के डिज़ाइन्स की डिमांड ज़्यादा रही। 22 और 18 कैरेट के हल्के आइटम बिके, जबकि युवा ग्राहकों ने थोड़े कम दाम वाले 9 और 14 कैरेट के विकल्प भी खूब पसंद किए गए। CAIT ने बताया कि देशभर के पारंपरिक बाजारों, ज्वेलरी बाज़ारों और स्थानीय दुकानों में इस बार रिकॉर्ड ग्राहक भीड़ देखी गई, जो मॉडर्न मॉल्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बराबर रही।
धनतेरस पर सोने-चांदी के भाव में नरमी
बता दें कि धनतरेस के दिन सोने और चांदी के भाव में थोड़ी नरमी देखी गई, लेकिन उससे पहले सोने का भाव एमसीएक्स पर 1.32 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर निकल गया था जबकि चांदी 1.70 लाख प्रति किलोग्राम के ऊपर पहुंच गया था। वहीं, सर्राफा बाज़ार की बात करें तो चांदी का भाव करीब 55% बढ़कर 1.8 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए, जबकि पिछले साल यह लगभग 98,000 रुपये प्रति किलो थी। सोने की कीमतों में 65% की तेजी के बावजूद लोगों ने जमकर खरीदारी की।
बर्तन और किचनवेयर की भारी बिक्री
CAIT की रिपोर्ट के मुताबिक, बर्तन और किचनवेयर की बिक्री लगभग 15,000 करोड़ रुपये, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उत्पादों की बिक्री करीब 10,000 करोड़ रुपये, और सजावटी व धार्मिक वस्तुओं की बिक्री लगभग 3,000 करोड़ रुपये रही।
CAIT के महासचिव और बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इस साल की मजबूत बिक्री का श्रेय GST दरों में कटौती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' अभियान को भी जाता है। उन्होंने कहा, "ग्राहक अब भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों, कारीगरों और निर्माताओं को सीधा फायदा मिल रहा है।"


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