Dhanteras के दिन से ही दिवाली का जश्न शुरू हो जाता है। धनतेरस पर चांदी, सोना और हीरा सहित कीमती चीजों को खरीदना काफी शुभ माना जाता है लेकिन मार्केट में इनकी अधिक मांग के वजह से कई बार इस शुभ अवसर पर लोग बेईमानी का शिकार बन जाते हैं।
कई ज्वैलर्स इस दौरान ग्राहकों को कम कैरेट का सोना शुद्ध बताकर बेच देते हैं। 22 कैरेट का सोना शुद्ध होता है, लेकिन कई ज्वैलर्स 18 कैरेट या 20 कैरेट के सोने को 22 कैरेट वाला सोना बताकर बेचते हैं। इसी वजह से इस तरह की धोखाधड़ी से बचना है तो फिर इसके लिए हॉलमार्क साइन की पहचान करना जरूरी है तो फिर आइए जानते हैं इनके बारे में सारी डिटेल।

उठा चुकी है सरकार कदम
सरकार पहले ही इस तरह से होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए सरकार पहले से ही एक्टिव है। ज्वैलरी के लिए हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन अनिवार्य है।
सोने की शुद्धता ऐसे करें चेक
9 अंकों का अल्फा न्यूमेरिक कोड (एचयूआईडी) नंबर
जो सोना बेचा जाता है उसके हर एक टुकड़े में छह अंकों का अल्फा न्यूमेरिक कोड दिया जाता है। यह कोड 1 अप्रैल 2023 से पहले केवल 4 अंकों का होता था। छह-अंकीय एचयूआईडी को हाल ही में अनिवार्य कर दिया है।
यह वास्तविक जोहरी और जांच केंद्र तक सोने की शुद्धता का बड़े स्तर पर पता लगाने में सक्षम बनाता है।
अब ग्राहकों के पास बीआईएस केयर ऐप की सहायता से भी सोने की शुद्धता पता करने का विकल्प मौजूद है। इसमें एचयूआईडी नंबर दर्ज करने पर सोने की जानकारी सामने आ जाती हैं।
इस एप्लिकेशन में वेरिफाई एचयूआईडी सुविधा का इस्तेमाल करके सोना खरीददार एचयूआईडी नंबर इसमें दर्ज कर सकता है और इसकी असलियत और वैलिडिटी को पुष्टि ऐप से ही कर सकता है।
बिल ब्रेकअप
जो लोग सोना खरीदते है तो फिर उनको सोने को खरीदने के बाद बिल ब्रेकअप की रिक्वेस्ट करनी चाहिए। इस दौरान परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की तरफ से निर्धारित मूल्य के साथ हॉलमार्किंग लागत की जांच करनी चाहिए।
स्टोर का पता
बीआईएस की तरफ से जो दिशानिर्देश निर्धारित किए है, उन दिशा निर्देशों के मुताबिक खरीददार को स्टोर का पता वेरिफाई करना चाहिए। यह जो कदम है वो खरीददार को और मजबूत करता है।
बीआईएस मार्क
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) मार्क त्रिकोण का प्रतीक होता है। यह हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की नॉन निगोसिएबल फीचर होता है। जो गोल्ड की शुद्धता की के विश्वसनीय संकेतों में से एक है।
सोना हॉल मार्किंग
अगर हम गोल्ड हॉल मार्किंग की बात करते हैं तो फिर हॉल मार्किंग एक ऐसा सिस्टम होता है, जो ज्वैलरी और अन्य प्रोडक्ट्स में सोने की शुद्धता को प्रमाणित करता है।
यह जो बीआईएस हॉल मार्किंग योजना है। इसके तहत रजिस्टर्ड ज्वैलर्स को उच्च स्तर की विश्वसनीयता और स्टैंडर्डाइजेशन सुनिश्चित करने के लिए अपने आभूषणों की शुद्धता की टेस्टिंग कराना जरूरी है। आप इस तरह इन चीजों की मदद से बेहद ही आसानी से अपने की शुद्धता की जांच कर सकते है। बिना किसी ज्यादा परेशानी से सोना खरीद सकते है।
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