GST: डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने बहुत बड़ा खुलासा किया है. डीजीजीआई (DGGI) ने बताया की इस वित्त वर्ष यानी 2024 में अब तक 2.01 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी (GST) चोरी हो चुकी है. उन्होंने अब तक जीएसटी चोरी के 6084 मामले पकड़े हैं. चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

देश में जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लागू की गई थी. जीएसटी को राष्ट्रीय वस्तु और सेवा कर भी कहा जाता है. यह एक तरह से वस्तु और सेवाओं पर लगने वाला टैक्स है. इसे लाने का उद्देश्य अलग-अलग टैक्स से छुटकारा पाना था.
लेकिन अब जीएसटी की चोरी के मामले बढ़ते जा रहे हैं. डीजीजीआई जो देश में टैक्स नियंत्रित करता है, उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष 2024 में जीएसटी चोरी के 6084 मामले सामने आए हैं. 6084 मामलों में कुल 2.01 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी हो चुकी है.
इन टैक्स चोरी में ऑनलाइन गेमिंग से लेकर आयरन, कॉपर, स्क्रैप पर लगने वाले जीएसटी में चोरी की गई है. हैरान कर देने वाली बात ये रही की इस जीएसटी चोरी में बैंकिग, फाइनेशियल सर्विस और इंश्योरेंस भी आगे रहे हैं. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक जीएसटी चोरी का यह अमाउंट पिछले वित्त वर्ष यानी 2022 से 2023 तक लगभग आधा था.
वित्त वर्ष 2022 से 2023 में 1.01 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी हुई थी. इस साल जीएसटी चोरी के 4,872 मामले दर्ज किए गए थे. इसके अलावा ये भी पता चला है कि 2023 से 2024 में 26,605 करोड़ रुपये का वॉलेटरी टैक्स चुकाया था. जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में 20,713 रुपये का ही वॉलेटरी टैक्स चुकाया गया है.
जीएसटी चोरी में कौन-कौन से मामले है शमिल?
डीजीजीआई यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस की एनुअल रिपोर्ट में कई अन्य बाते सामने आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में जीएसटी चोरी के 6084 मामले दर्ज किए गए है. इनमें से 46 फीसदी मामल ऐसे में जिनमें टैक्स पेमेंट नहीं गई है. वहीं 20 फीसदी में टैक्स भुगतान करते वक्त फेक इनपुट दर्ज किए गए है. जबकि 19 फीसदी मामले आईटीसी का गलत लाभ उठाने/नॉन रिवर्सल से संबंधित हैं.
ऑनलाइन गेमिंग टैक्स चोरी में रहा सबसे आगे
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 में सबसे ज्यादा टैक्स चोरी ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में हुई है. ऑनलाइन गेमिंग में लगभग 78 मामले ऐसे रहें, जिनमें 81,875 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई है. ऑनलाइन गेमिंग के बाद बैंकिंग, फाइनेशियल सर्विस और इश्योरेंस सबसे आगे रहा. इस सेक्टर से टैक्स चोरी के 171 मामले दर्ज हुए हैं. बैंकिंग, फाइनेशियल और इश्योरेंस में लगभग 18,961 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई है. इसके साथ ही वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट सर्विसेज से 343 मामले और फार्मास्युटिकल से 22 टैक्स चोरी के मामले दर्ज हुई है.
साल 2023-24 में आयरन, कॉपर, स्क्रैप और अलॉय सेक्टर में जीएसटी चोरी के 1,976 मामले पकड़े गए, जिनमें 16,806 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई. पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट और बीड़ी के 212 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जिनमें 5,794 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई


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