Delhi Traffic Police: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के जवाब में, ट्रैफिक पुलिस ने तगड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट के बिना वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के सिर्फ एक महीने में 103,662 से अधिक चालान जारी किए हैं।

इन वाहनों पर लिया गया एक्शन
यह कार्रवाई दोपहिया और चार पहिया दोनों तरह के वाहनों के अलावा कई तरह के वाहनों पर की गई है। दौनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य और उत्तरी जिलों के यातायात उपायुक्त सौरभ चंद्रा ने दिल्ली में वाहनों की बढ़ती संख्या और बिगड़ते प्रदूषण के बीच सीधे संबंध को रेखांकित करते हुए इन सख्त उपायों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
ट्रैफिक पुलिस ने चलाया अभियान
टैफिक पुलिस का प्रदूषण के खिलाफ अभियान सिर्फ़ बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले वाहनों का चालान काटने तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले अन्य हिस्सों के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जैसे कि प्रतिबंधित क्षेत्रों से गुजरने वाले वाहन यानी नो एंट्री वाले वाहन, खुले भार को ले जाने वाले वाहन, जो धूल प्रदूषण को बढ़ाते हैं।
1 अक्टूबर से काटे गए इतनी गाड़ियों के चलान
इसके अलावा 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक करीब 33,186 गाड़ियों के चालान इसलिए काटे गये क्योंकि चालकों को प्रदूषण या समाप्त हो चुके पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना पकड़ा गया। आंकड़ों के मुताबिक, इन चालानों की संख्या में भारी परिवहन वाहनों सहित सभी प्रकार के वाहनों शामिल हैं।
इसके अलावा इसी अवधि में दस साल की वैधता पूरी कर चुके लगभग 363 डीजल वाहनों को सीधे तौर पर स्क्रैप के लिए भेजा गया। वहीं, बिना ढके मटेरियल जैसे रेता, बदरपुर, सीमेंट आदि ले जा रहे 89 वाहनों के चालान किए गए और नौ एंट्री में वाहन चलाने वाले 36,765 से अधिक वाहन चालकों के चालान किए गए।
ट्रैफिक पुलिस कर रही है सख्त कारवाई
दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की मानें तो अक्टूबर महीने में एक विशेष अभियान चलाया गया। जिसके तहत ये चालान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि सड़कों पर जाम की समस्या को खत्म किया जाए क्योंकि जाम लगने से वाहनों की रफ्तार थम जाती है और गाड़ियों से निकलने वाला प्रदूषण हवा में फैलकर स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम पैदा करता है। उनके अनुसार, अगर सड़कें जाम फ्री रहेंगी तो प्रदूषण का स्तर भी कम रहेगा।
चंद्रा ने इन पहलों के व्यापक उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "हमने एक विशेष अभियान शुरू किया है और सभी ट्रैफ़िक पुलिसकर्मियों को वाहनों की सख्ती से जांच करने का निर्देश दिया गया है और जो भी नियमों की अनदेखी कर रहा है उसके खिलाफ़ कार्रवाई की जा रही है।" उन्होंने ट्रैफ़िक भीड़भाड़ पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में बताया है और इस बात पर ज़ोर भी दिया है कि कैसे जाम को कम करने से प्रदूषण के स्तर में काफ़ी कमी आ सकती है।
बड़ी संख्या में जुर्माना डीजल वाहनों पर लगाया गया, जो अपनी वैधता अवधि से अधिक समय तक चल रहे थे और बिना ढकी सामग्री ले जाते पकड़े गए वाहनों पर, साथ ही अधिकांश जुर्माना PUC-संबंधित उल्लंघनों के लिए लगाया गया।


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