भारत की राजधानी दिल्ली से नेपाल की राजधानी काठमांडू तक जाने के लिए अब आपको अलग- अलग रेलवे कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं है. नेपाल और भारत सरकार ने रेलवे लाइन को लेकर समझौता किया है. यह रेलवे लाइन इन दोनों राजधानियों को जोड़ने का काम करेगी. इस रेलवे लाइन का मुख्य भाग बिहार के रक्सौल से काठमांडू तक को जोड़ना है.

नेपाल और भारत सरकार ने रेलवे लाइन को लेकर समझौता किया गया है. यह रेलवे लाइन बिहार के रक्सौल को काठमांडू तक जोड़गी. इस रेलवे लाइन के बाद दिल्ली के लोगों के लिए काठमांडू तक यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा. इस रेलवे लाइन का मुख्य भाग बिहार के रक्सौल से काठमांडू तक को जोड़ना है. इस रेलवे लाइन में सभी देशों की नजर टिकी हुई है. क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इस रेलवे लाइन की शुरुआत के बाद नेपाल और भारत में व्यापार करना अब और भी आसान हो जाएगा.
दिल्ली से काठमांडू को जोड़ने के अलावा नेपाल, चीन की राजधानी बीजिंग के साथ अपने उत्तरी भाग को जोड़ेगी. दरअसल, नेपाल अपने रेलवे लाइन को विस्तार करने के बारे में विचार कर रही है. नेपाल सरकार चीन की राजधानी बीजिंग को अपने उत्तरी भाग और दक्षिण-पूर्व मेंं मेची को दक्षिण पश्चिम के महाकाली से जोड़ने के लिए योजना बना रही है. मेची से महाकाली तक जाने के लिए पूर्वी पश्चिम रेल लाइन लाई जाएगी.
बिहार से काठमांडू तक रेलवे लाइन
बिहार से काठमांडू रेलवे लाइन के लिए सरकार द्वारा 24 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए है. इस रेलवे लाइन में सभी देशों की नजर टिकी हुई है. इसमेंं 41 पुल और 40 से अधिक मोड़ होंगे. बिहार के रक्सौल से काठमांडू तक बिछने वाले इस रेलवे लाइन में चोभर, जेतपुर, निजगढ़, सिखरपुर, सिसनेरी और सतिखेल शामिल होंगे. यह ट्रेन पूरी तरह से बिजली पर आधारित होने वाली है. इसलिए इसकी टिकट भी इतनी महंगी नहीं होगी.
इस रेलवे कनेक्शन से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी काफी अच्छे होने की संभावना जताई गई है. रेलवे लाइन के लोकेशन को 2019- 20 में के आरसीएल द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है. अभी एफएलएस द्वारा अनुमति मिलना बाकी है, जिसके बाद इस रेलवे लाइन में काम करना शुरू किया जाएगा.
नेपाल और भारत के बीच रक्सौल से बीरगंज तक मालगाड़ी ट्रेन चलाई जाएगी. इसके अलावा यात्रियों के लिए जयनगर से बिजलपुरा तकरेलवे लाइन बिछाने की योजना है.
नेपाल से बांग्लादेश तक रेलवे लाइन
नेपाल सरकार भारत के अलावा बांग्लादेश के साथ भी पांच नई परियोजनाओं में काम कर रही है. इन पांच परियोजनाओं में 2722 करोड़ निवेश करने की योजना बनाई जा रही है.
इन पांच परियोजनाओं में अगरतला- अखौरा (बांग्लादेश), बालुरघाट-हिली, जोगबनी-विराटनगर (नेपाल), और महिसासन (भारत) - जीरो प्वाइंट (बांग्लादेश) रूट शामिल हैं. यह सभी चारों लाइने नई बनाई जाएंगी. इसके अलावा जयनगर- बिजलपुरा लाइन पर भी काम किया जा रहा है, जिसमें बिजलपुरा से नेपाल के बर्डीबास तक विस्तार करने पर विचार किया जा रहा है.


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