Flight vs cab Viral Post: सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट से बहस छिड़ गई है, जब दिल्ली के एक यूजर ने दिखाया कि दिल्ली से लेह का फ्लाइट टिकट गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा की कैब राइड से सस्ता है। ऑनलाइन बातचीत तेजी से बढ़ी क्योंकि यूजर्स ने कैब सर्ज प्राइसिंग पर सवाल उठाए, ऑफ-सीजन फ्लाइट किराए की ओर इशारा किया और रोड ट्रिप के बजाय हवाई यात्रा चुनने का मजाक उड़ाया। इस पोस्ट ने एक पुरानी बहस को भी फिर से शुरू कर दिया कि मेट्रो शहरों में ऐप-बेस्ड कैब की कीमतें कैसे ऊपर-नीचे होती हैं।

फ्लाइट और कैब में कौन सस्ता?
दिल्ली के यूजर, आर्यनश ने स्क्रीनशॉट पोस्ट किए, जिसमें स्पाइसजेट दिल्ली-लेह टिकट की कीमत 1,540 रुपये दिखाई गई, जबकि गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा के लिए उबर राइड का किराया 1,952.61 रुपये दिखाया गया। उन्होंने X पर लिखा, "आज, दिल्ली से लद्दाख के लिए फ्लाइट लेना गुड़गांव से ग्रेटर नोएडा के लिए कैब लेने से सस्ता है।" इस साइड-बाय-साइड तुलना पर हजारों रिएक्शन आए और यह NCR कैब यात्रा के बारे में एक चलता-फिरता मजाक बन गया।
सोशल मीडिया रिएक्शन
रिएक्शन में सर्ज प्राइसिंग की चिंता से लेकर लद्दाख के ऑफ-सीजन डिस्काउंट के बारे में रिमाइंडर शामिल थे।
- एक यूजर ने कहा कि ये ऐप टैक्सी ड्राइवर मेट्रो शहरों में रश आवर्स में सोना कमाते हैं।
- एक और ने कहा कि मुझे लगता है कि अभी दिल्ली से फ्लाइट लेना सबसे अच्छा ऑप्शन है।
कैब की कीमतें क्यों बढ़ती हैं?
आम डिमांड के आंकड़ों के अलावा, कैब का किराया अक्सर इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि पूरा सिस्टम रियल टाइम में इस बात पर रिएक्ट करता है कि शहर कैसे चलता है। जब ऑफिस एक ही समय पर बंद होते हैं, जब बारिश में लोग फ्लाईओवर के नीचे फंस जाते हैं, या जब बहुत सारे राइडर एक साथ ऐप खोलते हैं, तो एल्गोरिदम इसे नेटवर्क पर दबाव के तौर पर देखता है।
ड्राइवर भी इन मौकों पर सेलेक्टिव हो जाते हैं, बेहतर पेमेंट वाली ट्रिप का इंतजार करते हैं, जिससे सप्लाई और कम हो जाती है। यात्रियों और एल्गोरिदम के व्यवहार में ये छोटे-छोटे बदलाव मिलकर कुछ ही सेकंड में किराया बढ़ा देते हैं, जिससे रोजाना की राइड भी बहुत महंगी लगने लगती है।


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