Delhi Airport Flight Delayed: रविवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिनभर में 1,300 उड़ानों में से करीब 68% उड़ानें समय पर नहीं हो सकीं।
इसका असर हजारों यात्रियों पर पड़ा। एयरपोर्ट संचालक DIAL ने इसका ठीकरा एयरलाइनों पर फोड़ा और कहा कि उन्हें पहले से चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने समय रहते जरूरी बदलाव नहीं किए।

रनवे बंद, बदली हवा और प्लानिंग की कमी-तीन बड़ी वजहें
इस अव्यवस्था के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण रहे। सबसे पहले रनवे 10/28 को 8 अप्रैल से बंद कर दिया गया था क्योंकि वहां आधुनिक लैंडिंग सिस्टम (CAT III-B ILS) लगाने का काम चल रहा था। यह काम सर्दियों से पहले पूरा होना था ताकि धुंध के समय विमान आसानी से उतर सकें।
दूसरा बड़ा कारण था मौसम का बदला मिजाज। अप्रैल में अचानक हवा की दिशा पूर्वी हो गई, जिससे कुछ रनवे एक साथ इस्तेमाल नहीं किए जा सके। इससे लैंडिंग की संख्या प्रति घंटे 46 से घटकर सिर्फ 32 रह गई। तीसरा कारण यह था कि एयरलाइनों ने उड़ानों के शेड्यूल में कोई खास बदलाव नहीं किया।
DIAL ने दी सफाई, कहा पहले ही चेताया था
DIAL ने एक बयान में कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों को चार महीने पहले ही इस रनवे अपग्रेड की जानकारी दे दी गई थी। साथ ही यह भी बताया गया था कि मौसम में बदलाव से संचालन प्रभावित हो सकता है। फिर भी एयरलाइनों ने अपनी उड़ानों की संख्या नहीं घटाई और न ही समय में बदलाव किया।
टर्मिनल 2 बंद, सभी उड़ानें टर्मिनल 1 में शिफ्ट
15 अप्रैल से टर्मिनल 2 को बंद कर दिया गया और उसकी सभी उड़ानें नए बने टर्मिनल 1 में ट्रांसफर कर दी गईं। एक ही समय पर रनवे का बंद होना और टर्मिनल की शिफ्टिंग दोनों ने मिलकर संचालन को और ज्यादा कठिन बना दिया।
राजनीतिज्ञ भी हुए परेशान
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस गड़बड़ी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह जम्मू से दिल्ली आने के बाद जयपुर डायवर्ट हो गए और रात 1 बजे तक प्लेन में ही फंसे रहे।
मौसम विभाग ने दी राहत की खबर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि जल्द ही हवा की दिशा फिर से पश्चिमी हो जाएगी, जिससे संचालन दोबारा सामान्य हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हर साल अप्रैल-मई में हवा की दिशा अस्थायी रूप से बदलती है, जो इस बार भी हुआ।
विशेषज्ञों ने कही ये बात
हवाई उड़ानों के जानकारों का कहना है कि रनवे के काम को टुकड़ों में नहीं किया जा सकता था क्योंकि यह तकनीकी रूप से कठिन है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि एयरलाइनों और DGCA को यात्रियों की सुविधा के लिए पहले से उड़ानों की संख्या कम कर देनी चाहिए थी।
एयरलाइनों का नजरिया-राजस्व भी है चिंता
एक पूर्व एयरलाइन अधिकारी ने कहा कि कोई भी कंपनी अपनी उड़ानें कम करने से हिचकती है क्योंकि इससे कमाई पर असर पड़ता है। लेकिन अब जब इतनी उड़ानें लेट हो रही हैं, तो यात्रियों की नाराजगी और आर्थिक नुकसान दोनों ही झेलना पड़ रहा है।
नतीजा-यात्रियों को भुगतना पड़ा खामियाजा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा परेशान वे यात्री हुए, जिन्हें न समय पर जानकारी मिली और न ही वैकल्पिक व्यवस्था। उड़ानों की बार-बार देरी और डायवर्जन ने कई लोगों की यात्रा योजनाएं बिगाड़ दीं।
अब क्या होगा?
DIAL ने कहा है कि रनवे 10/28 को मई के पहले हफ्ते में अस्थायी रूप से दोबारा शुरू किया जाएगा और बाकी काम कुछ हफ्तों के लिए टाल दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि हवा की दिशा सामान्य होते ही हालात में सुधार होगा।


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