Delhi Air Pollution: दिल्ली पर छाई स्मॉग और जहरीली हवा की मोटी चादर की वजह से आंखों से जुड़ी बीमारियों जैसे एलर्जी, सूखापन, जलन और आंखों से ज्यादा पानी आने की समस्याएं तेजी से बढ़ गई हैं, जिससे बड़े और बच्चे दोनों प्रभावित हो रहे हैं। शहर के डॉक्टरों के मुताबिक दिल्ली की हवा जहरीली होने की वजह से ये समस्याएं बढ़ रही है।

दिवाली के बाद हवा की क्वालिटी बहुत खराब हो गई है, जिससे आंखों के डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में 60% की बढ़ोतरी हुई है। वे इसके लिए पटाखों से निकलने वाले धुएं, पार्टिकुलेट मैटर और केमिकल कचरे के खतरनाक कॉकटेल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रदूषण का यह खतरनाक रूप से ऊंचा लेवल न सिर्फ फेफड़ों के लिए, बल्कि आंखों के लिए भी नुकसानदायक है।
साइंटिफिक रिपोर्ट्स 2025 से पता चलता है कि PM 2.5 में हर 1% की बढ़ोतरी से देखने से जुड़ी बीमारी वाले 2,50,000 से ज्यादा नए मरीज बढ़ते हैं। इसके अलावा, स्टडीज यह भी बताती हैं कि देश भर के प्रदूषित शहरों में 100 मिलियन से ज्यादा लोग ड्राई आई बीमारी से पीड़ित हैं। AIIMS के प्रोफेसर प्रवीण वशिष्ठ ने डिटेल्स देते हुए बताया कि प्रदूषित हवा आंखों से नमी कम कर रही है, जिससे इन्फेक्शन और जलन हो रही है।
दिल्ली वायु प्रदूषण के कारण
- दिल्ली की हवा में PM 2.5 का लेवल ग्रामीण इलाकों के मुकाबले 24 गुना ज्यादा पाया गया।
- ट्रैफिक, इंडस्ट्रियल धुएं और कंस्ट्रक्शन से निकलने वाली हानिकारक गैसें प्रदूषण फैला रही हैं।
- रोजाना लगभग 1,000 मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।
- प्रदूषण के लगातार संपर्क में रहने से कॉर्निया (आंख की बाहरी झिल्ली) में बारीक दरारें पड़ जाती हैं, जिससे इन्फेक्शन और नजर कम होने का खतरा बढ़ जाता है।


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