नई दिल्ली, जुलाई 11। भारतीय रक्षा मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में रिकॉर्ड 13,000 करोड़ रुपये की रक्षा वस्तुओं और प्रौद्योगिकी का निर्यात किया है। अधिकारी ने बताया की 2021-22 के आकड़े पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 54.1 प्रतिशत अधिक है। भारत का रक्षा निर्यात मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, फिलीपींस और दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के अन्य देशों के साथ होता है।
1300 करोड़ का है निर्यात
रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) के अतिरिक्त सचिव संजय जाजू ने एक प्रेस वार्ता में कहा "2021-22 में भारत ने रक्षा के क्षेत्र में 13,000 करोड़ रुपये का रिकार्ड निर्यात किया है। यह आकड़ा भारत के लिए गौरव करने वाला है। भारत के लिए पिछला वित्त वर्ष रक्षा के नजरिए से सबसे ज्यादा निर्यात करने वाला रहा। उन्होंने कहा कि भारत अब एक डिफेंस निर्यातक देश बन रहा है।
आठ गुना हो गया है निर्यात
अतिरिक्त सचिव संजय जाजू ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 का डिफेंस निर्यात के डाटा को अगर हम पांच साल पहले के आकड़ो से तुलना करे तो रक्षा निर्यात में हमने एक बड़ी दूरी तय कि है। हम पांच साल पहले की तुलना में 8 गुना ज्यादा एक्सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात 2020-21 में ₹8,434 करोड़, 2019-20 में ₹9,115 करोड़ और 2015-16 में ₹2,059 करोड़ का था।
कोविड से निर्यात हुआ प्रभावित
संजय जाजू ने कहा, "अच्छी प्रगति हुई है। कोविड -19 के कारण दो साल निर्यात को थोड़ा झटका लगा था। लेकिन इस साल हमने 13,000 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड तोड़ निर्यात किया है। राजू ने बतया की रक्षा निर्यात ने रिकॉर्ड 13,000 करोड़ रुपये दर्ज किया है। निर्यात में 70 प्रतिशत योगदान निजी क्षेत्र से और शेष 30 प्रतिशत योगदान सार्वजनिक क्षेत्र से आया है। संजय जाजू के अनुसार निजी क्षेत्र की कंपनियां लगभग 90 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ रक्षा निर्यात बाजार पर हावी हैं, सरकार इन कंपनियों को पुरस्कृत करेगी।


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