नयी दिल्ली। भारत, जो कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, वित्त वर्ष 2020-21 की कोरोना से प्रभावित रही अप्रैल-जून तिमाही में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश रहा। भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में 23.9 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। दरअसल कोरोनो महामरी से संबंधित लॉकडाउन ने पहले से कम होती उपभोक्ता मांग और निवेश को और प्रभावित किया। यह 1996 में तिमाही आंकड़े प्रकाशित होने की शुरुआत के बाद सबसे भारी गिरावट रही। कोरोना और लॉकडाउन को देखते हुए अधिकांश विश्लेषकों ऐसे ही आंकड़ों की उम्मीद भी कर रहे थे।

भारत में काफी बढ़े कोरोना के मामले
भारत में दुनिया के सबसे सख्त लॉकडाउन में से एक लगाया गया, मगर बावजूद इसके यहां कोरोना मामलों की संख्या में काफी बढ़त देखी गई। यही वजह रही कि अन्य देशों के मुकाबले भारत की जीडीपी अधिक घटी। अप्रैल-जून तिमाही में जापान की इकोनॉमी में 7.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि चीन ने इस दौरान 3.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। जनवरी-मार्च में चीन की इकोनॉमी 6.8 प्रतिशत घटी थी, जब वहां कोरोनोवायरस महामारी अपने चरम पर थी। उस तिमाही में भारत ने 3.1 फीसदी की ग्रोथ रेट हासिल की थी।
अमेरिकी जीडीपी में सबसे अधिक गिरावट
अप्रैल-जून तिमाही में अमेरिका की जीडीपी में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी जीडीपी में सर्वाधिक 32.9 फीसदी की गिरावट आई। इसके बाद भारत का नंबर है। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर यूके (-20.4 फीसदी), चौथे नंबर पर फ्रांस (-13.8 फीसदी), पांचवे नंबर पर इटली (-12.4 फीसदी), कनाडा (-12 फीसदी) और छठे नंबर पर जर्मनी (-10.1 फीसदी) रहा। यूरोपीय देशों में यूके सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश रहा। कोरोना महामारी से अमेरिका में करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए। वहां बेरोजगारी दर 14.7 फीसदी पर पहुंच गई थी।


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