Cement Demand: देश में कोई भी बड़ा निर्माण कार्य हो रहा हो या किसी को अपना छोटा सा आशियाना बनाना हो सीमेंट का इस्तेमाल हर जगह होता है। इसलिए सीमेंट की मांग में लगातार बढ़ोतरी देखी जाती है। लेकिन इस समय कई कारण की वजह से सीमेंट की डिमांड में कमी दर्ज की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ क्वार्टर में देश में सीमेंट की मांग में लगातार दो अंको की बढ़ोतरी देखने को मिली थी। ऐसा इसलिए है क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिल रहा है और देश में लगातार निर्माण कार्य भी जारी है।
हालांकि डीलर और विशेषज्ञों का कहना है कि देश के कई राज्यों में चुनाव होने की वजह से, त्योहार का सीजन और शादी विवाह के कारण कंस्ट्रक्शन वर्क धीमा पड़ गया है, जिस वजह से सीमेंट की खपत और उसकी डिमांड में कमी आई है। देश के कुछ हिस्सों में खतरनाक तरीके से बड़े प्रदूषण स्तर के बाद कंस्ट्रक्शन का काम रोक दिया गया है और सीमेंट की डिमांड में कमी आने का यह भी एक बड़ा कारण है।

आमतौर पर होली और दीपावली जैसे बड़े त्योहरों के समय निर्माण कार्य में धीमापन आता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ज्यादातर मजदूर त्योहार मनाने के लिए अपने घर चले जाते हैं, इसी वजह से कंस्ट्रक्शन वर्क की रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी हो जाती है या फिर कुछ दिन के लिए रोक भी दी जाती है।
इस बार नवंबर में दीपावली पड़ने के बाद शादी विवाह का सीजन भी शुरू हो गया है, जिस वजह से सीमेंट की मांग में कमी देखने को मिल रही है। डीलर्स के अनुसार इस समय ज्यादातर मजदूर अपने घर चले गए और निर्माण कार्य धीमा हो गया, जिसका सीधा असर सीमेंट की डिमांड पर पड़ा है।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी के अधिकारी के अनुसार महीने की शुरुआत में ही विश्लेषकों ने पूर्वीभारत के मार्केट में दुर्गा पूजा के बाद और दिवाली की वजह से सीमेंट की डिमांड में धीमापन दिखने की बात कही थी। एनालिस्ट के अनुसार दिसंबर महीने में शादी का सीजन समाप्त होने के बाद पूर्वी क्षेत्र में सीमेंट की मांग में 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो की सीमेंट की एवरेज डिमांड है। लेकिन फिर भी यह डिमांड पहले के मुकाबले कम ही रहेगी, क्योंकि पहले इसमें 16 प्रतिशत तक की वृद्धि दर दर्ज की जा चुकी है।
दिल्ली और एनसीआर रीजन में कई जगह जबरदस्त प्रदूषण की वजह से कंस्ट्रक्शन वर्क पर रोक लगा दी गई है, जिस वजह से सीमेंट की सप्लाई लगभग बंद हो गई है और इसका सीमेंट की मांग पर जबरदस्त असर पड़ा है।
देश के पांच राज्यों में चुनाव की वजह से आचार संहिता लागू है, इसलिए ज्यादातर सरकारी निर्माण कार्य बंद है जिस वजह से सीमेंट की डिमांड में काफी कमी आई है। इस समय छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश,मिजोरम,राजस्थान और तेलंगाना में चुनाव या तो हो चुके हैं या फिर होने वाले हैं। लोगों के पास कैश उपलब्धता कम होने का असर भी इस पर पड़ा है।
हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2023-24 फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में इन्हीं वजहों से सीमेंट की मांग में एवरेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।


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