नई दिल्ली, अगस्त 23। यदि आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड यूज करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। क्योंकि आरबीआई ने इन दोनों तरह के कार्ड के जुड़े एक काम पूरा करना अनिवार्य कर दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने अनिवार्य किया है कि 30 सितंबर, 2022 तक ऑनलाइन, पॉइंट-ऑफ़-सेल और इन-ऐप लेनदेन में उपयोग किए जाने वाले सभी क्रेडिट और डेबिट कार्ड डेटा को यूनीक टोकन से बदल दिया जाए। टोकनाइज़ेशन का हाई लेवल कार्डधारकों के लिए भुगतान के अनुभव की सुरक्षा में सुधार करेगा। ग्राहकों को सुरक्षित लेनदेन करने में मदद करने के लिए आपके कार्ड की डिटेल एन्क्रिप्टेड "टोकन" के रूप में सिक्योर किया जाएगा।
ये होगा सबसे अहम फायदा
एन्क्रिप्टेड टोकन ग्राहक के डिटेल का खुलासा किए बिना भुगतान करने की सुविधा देंगे। आरबीआई का दिशानिर्देश मूल कार्ड डेटा को एन्क्रिप्टेड डिजिटल टोकन से बदलने को अनिवार्य बनाते हैं। टोकनाइजेशन के लिए चलते आपके डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक होगी।
ऑनलाइन धोखेबाजों से सुरक्षा
इसके अलावा टोकनाइजेशन कार्डधारकों के ऑनलाइन लेन-देन के अनुभवों में सुधार करेगा और आपके कार्ड की जानकारी को ऑनलाइन धोखेबाजों से सुरक्षित रखेगा। असुरक्षित ऑनलाइन प्रेक्टिस के जवाब में ग्राहकों की सुरक्षा के लिए आरबीआई ने नए नियम बनाए। भुगतान में आसानी के लिए, क्रेडिट कार्ड की जानकारी जैसे नंबर, सीवीवी और एक्सपायरी डेट को अक्सर व्यापारियों के डेटाबेस में मैंटेन रखा जाता है। लेकिन इस डेटा से जुड़े सुरक्षा जोखिम हैं। कुछ वेबसाइटों के डेटा स्टोरेज सिस्टम से पहले समझौता किया गया है और इस डेटा को पब्लिक कर दिया गया।
अब क्या होंगे नियम
आरबीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी कार्ड जारीकर्ता या नेटवर्क के अलावा किसी अन्य एंटिटी द्वारा संग्रहीत नहीं की जा सकती है। पहले से संग्रहीत किसी भी डेटा को हटाना आवश्यक होगा।
कब से लागू होने थे नियम
नए डेबिट और क्रेडिट कार्ड नियम 1 जुलाई, 2022 से लागू होने वाले थे, लेकिन विभिन्न उद्योग निकायों से कई अनुरोध प्राप्त करने के बाद इसे बढ़ा दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फिर से डेबिट और क्रेडिट कार्ड टोकन नियम की समय सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी है।
कैसे जनरेट करें टोकन्स
खरीदारी करने और भुगतान लेनदेन शुरू करने के लिए, किसी भी ई-कॉमर्स मर्चेंट वेबसाइट या एप्लिकेशन पर जाएं। अपना कार्ड चुनें। चेक आउट करते समय अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड डिटेल और कोई अतिरिक्त जानकारी दर्ज करें। अपना कार्ड सिक्योर करें। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार अपने कार्ड को टोकनाइज़ करें या "आरबीआई दिशानिर्देशों के अनुसार अपने कार्ड को सिक्योर करें" का विकल्प चुनें।
ये है बाकी प्रोसेस
टोकन के क्रिएशन को अथॉराइज करें। लेन-देन पूरा करने के लिए, ओटीपी दर्ज करें जो आपके बैंक ने आपके मोबाइल फोन या ईमेल पर भेजा है। एक टोकन क्रिएट करें। आपके कार्ड के डेटा को एक टोकन से बदल दिया गया है जिसे प्रॉड्यूस्ड और रिटेन किया गया है। भुगतान करते समय अपने कार्ड को पहचानने में आपकी मदद करने के लिए, जब आप उसी वेबसाइट या एप्लिकेशन पर दोबारा जाते हैं तो आपके सहेजे गए कार्ड के अंतिम चार अंक प्रदर्शित होते हैं। दूसरे शब्दों में, आपका कार्ड टोकन हो गया है।


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