DBS Bank Layoff: बैंकिंग सेक्टर के टॉप बैंक में से एक डीबीएस ग्रुप ने अगले तीन सालों में अपने वर्कफोर्स में 10% या 4,000 कर्मचारियों की कटौती करना चाहता है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कंपनी अपने एआई को तेजी से इंटीग्रट कर रही है। यह घोषणा डीबीएस ग्रुप के सीईओ पीयूष गुप्ता ने भारत के आईटी इंडस्ट्री लॉबी ग्रुप नैसकॉम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में की गई है।

AI की वजह से लिया कर्मचारियों को निकाले का फैसला (DBS Group layoff)
पीटीआई के अनुसार, डीबीएस के सीईओ पीयूष गुप्ता ने इस पर जानकारी देते हुए कहा, "इस साल, मेरा मौजूदा अनुमान यह है कि अगले तीन सालों में, हम अपने कर्मचारियों की संख्या में 4,000 या 10% की कमी करने जा रहे हैं।" उन्होंने इस कटौती के लिए बैंकिंग सेक्टर में एआई की बढ़ती भूमिका की तरफ भी इशारा किया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर देकर कहा कि एआई एक खास तकनीक है जिससे सेल्फ क्रिएशन और रेप्लिकेट टास्क किए जा सकते हैं जो आम लोगों के द्वारा परफॉर्म किए जाते हैं।
1,600 कर्मचारियों के सिर पर मंडराया नौकरी जाने का खतरा (DBS Bank News)
पीयूष गुप्ता ने ये भी बताया कि डीबीएस में उनके 15 साल से ज्यादा के करियर में यह पहली बार है, जब उनके सामने आईटी इंडस्ट्री में नई नौकरियां कम आ रही हैं। उन्होंने 2016-17 के एक मामले का जिक्र भी किया जब बैंक के डिजिटल परिवर्तन से 1,600 कर्मचारियों के लिए नौकरी जाने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, यूनियनों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बातचीत होने के बाद कर्मचारियों का लेऑफ नहीं हुआ था।
इन सेक्टर्स में हो रहा है एआई का यूज (Banking Sector Layoff)
इतनी चुनौतियों के बावजूद डीबीएस बैंक ने अपने काम में एआई का इस्तेमाल पिछले दो सालों में बढ़ा दिया है। एआई का यूज डीबीएस बैंक के द्वारा कस्टमर ऑटरीच, हायरिंग प्रोसेस, क्रेडिट अंडर राइटिंग और अन्य सेक्टर्स में किया जा रहा है।
कई कंपनियों में कर्मचारियों की हुई छंटनी
दुनियाभर में कई सेक्टर्स हैं जिनमें लोगों को नौकरी से निकाला दा रहा है। हाल ही में इंफोसिस ने अपनी कंपनी से कई ट्रेनियों को निकाल दिया। इसके अलावा मेटा और गूगल जैसी टॉप कंपनियों ने भी कई सारे कर्मचारियों का लेऑफ कर दिया था। माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा भी पर्फार्मेंस के बेसिस पर कई कर्मचारियों को निकाल दिया गया था। कई कंपनियां अब एंप्लाइज को निकाल कर एआई के माध्यम से काम को कर रही है जिससे उन्हें सैलरी न देने के साथ-साथ वर्कफोर्स को हायर करने की भी जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ रही है।


Click it and Unblock the Notifications