UPI Fraud : इंटीग्रेटेड पेमेंट इंटरफ़ेस (यूपीआई) एक जबरदस्त सफलता रही है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय लोगों के साथ ठगी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। गृह मंत्रालय (एमएचए) के आंकड़ों के अनुसार, 2022 की पहली और दूसरी तिमाही के बीच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर रिपोर्ट की गई कुल शिकायतों की संख्या में 15.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनमें यूपीआई फ्रॉड की संख्या में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई। जबकि 2022 की पहली तिमाही में रजिस्टर्ड शिकायतों की कुल संख्या 206,198 थी, वहीं दूसरी तिमाही में यह बढ़कर 237,658 हो गई, जो 15.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

कितनी यूपीआई फ्रॉड शिकायतें दर्ज
एनसीआरपी के तहत आने वाली साइबर अपराध की एक कैटेगरी 'यूपीआई फ्रॉड कंप्लेंट्स' की संख्या 2022 की पहली तिमाही में 62,350 से बढ़ कर 2022 की दूसरी तिमाही में 84,145 हो गई। यह अन्य एनसीआरपी साइबर अपराध श्रेणियों जैसे डेबिट/क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित धोखाधड़ी और अन्य की तुलना में 34 प्रतिशत की वृद्धि के बराबर है।
यूपीआई पेमेंट्स में 1,200 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी
ये ओवरऑल आंकड़े 2021 के बाद से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों की बढ़ती संख्या के अनुरूप हैं। इस वृद्धि का कारण कोरोना के आने के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम की ग्रोथ भी है। कोविड-19 महामारी के प्रकोप से छोटे बिजनेस भी इसी में शामिल हुए। आरबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में खत्म हुए छह महीनों में यूपीआई पेमेंट्स में 1,200 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड
एमएचए की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड एनसीआरपी के तहत किसी साइबर अपराध कैटेगरी में दूसरों के मुकाबले सबसे अधिक दर्ज हुए हैं। कि कुल रिपोर्ट किए गए साइबर अपराध में से 67.9 प्रतिशत 'ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड' रहे। हालांकि, इस स्पेसिफिक कैटेगरी के आंकड़े रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं कराए गए।
इंटरनेट बैंकिंग शिकायतों में गिरावट
2022 की दूसरी तिमाही में इंटरनेट बैंकिंग शिकायतों में गिरावट आई। 2022 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा जहां 20,443 था, वहीं दूसरी तिमाही में यह गिरकर 19,267 पर आ गया। अक्टूबर में यूपीआई लेनदेन मई में 10 लाख करोड़ रुपये को पार करने के छह महीने बाद 12,11 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है, आरबीआई के पेमेंट विजन 2025 के अनुमान के अनुसार यूपीआई 50 प्रतिशत की औसत वार्षिक वृद्धि दर्ज करेगा। यूपीआई के धोखाधड़ी में वृद्धि में योगदान देने के भी अनुमान लगाए गए हैं। भीम यूपीआई एप्लिकेशन में 'रेज ए कंप्लेंट' विकल्प के तहत, कोई भी अपनी लेनदेन हिस्ट्री देख सकता है। य़ूजर तब उस लेनदेन का चयन कर सकता है जिसके लिए शिकायत दर्ज की जानी है। वे "रेज कंसर्न" पर क्लिक कर सकते हैं, ऑनलाइन शिकायत में समस्या की जानकारी दे सकते हैं और उसे सबमिट कर सकते हैं।

यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान
इस साल की शुरुआत में एनपीसीआई ने यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान के साथ यूजर्स की सहायता के लिए सेफ्टी शील्ड अभियान भी शुरू किया था। गूगल पे, पेटीएम, फोन और अमेजन पे के साथ-साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित 20 से अधिक कमर्शियल बैंकों ने इस अभियान में भाग लिया।


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