नयी दिल्ली। पिछले कुछ समय में साइबर फ्रॉड के कई बड़े मामले सामने आये हैं। इनमें ऑनलाइन फ्रॉड के अलावा एटीएम से संबंधित ठगी के मामले भी शामिल हैं। हाल ही में एक नयी घटना सामने आयी है, जिसमें दक्षिण दिल्ली के एक कारोबारी ने साइबर क्राइम के जरिये अपने साथ हुई 9 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस की जाँच के दौरान इस ठगी के मामले में एक काफी आश्चर्यजनक बात सामने आयी। जांच से पता चला कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस या यूपीआई लिंक के माध्यम से निकाले गये पैसे को झारखंड के जामताड़ा जिले में मजदूरों के नाम पर खोले गए चार जन धन खातों में भेजा गया था, जिसे बाद में नकली अंगूठे की छाप का उपयोग करके निकाल लिया गया। जब पुलिस ने इनमें से एक खाताधारक से संपर्क किया तो उसने बताया कि कुछ लोगों ने बैंक अधिकारी बन कर उनसे संपर्क किया और उनके अंगूठे के निशान के साथ ही आधार, राशन और बीपीएल कार्ड जैसे दस्तावेजों की कॉपी ले लीं।
जन धन योजना के तहत खुलवाया था खाता
इन लोगों ने सरकार की 2014 में शुरू की गयी जन धन योजना के तहत बैंक खाता खुलवाया था। इस योजना का मकसद देश के सभी परिवारों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करके वित्तीय योजनाओं का फायदा पहुँचाना है। बाद में मजदूर को बैंक की पासबुक मिली। एक पुलिस अफसर ने बताया है कि जांच के दौरान पता चला कि सभी जानकारी सही थी लेकिन बैंक का नाम और खाता नंबर अलग था। यह इस तरह का पहला मामला नहीं है, बल्कि दिल्ली में बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट के जरिए कई कारोबारियों से पैसों की ठगी के मामले सामने आये हैं।
अंगूठे के निशान को किया स्कैन
पुलिस ने जांच में यह भी पाया कि अंगूठे का निशान सादे कागज पर लिया गया था, जिसे बाद में डिजिटली स्कैन किया गया। धोखाधड़ी करने वाले रबर के अंगूठे बनाने के लिए पॉलीमर रासायनिक स्टैम्प बनाने वाली मशीनों का उपयोग करते हैं। वे इमेजेस को साफ करने के लिए फोटोशॉप का भी उपयोग करते हैं। पुलिस ने जांच में यह भी पाया है कि कुछ मामलों में ग्रामीण भी पैसा प्राप्त और निकालने के लिए साइबर ठगी के लिए अपने खाते बेच देते हैं।
ऐसे बचें धोखाधड़ी से
आपको साइबर या ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए कुछ चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। 'Enter your UPI PIN to receive money' जैसे फर्जी मैसेज के जवाब में कभी भी अपना यूपीआई पिन न डालें, स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स से बचें, सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चार्ज करने के लिए अपने केबल का उपयोग करें, क्यूआर कोड मिलने पर अपना कार्ड नंबर, पिन या ओटीपी शेयर न करें, ऐसे एटीएम से पैसे निकालें जहाँ सिक्योरिटी गार्ड हो। एटीएम से पैसे निकालते समय ध्यान दें कि वहाँ कोई छोटा कैमरा या चिप तो नहीं लगी।
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