नई दिल्ली, मई 14। टेरा ब्लॉकचैन के मूल टोकन लूना ने निवेशकों को बर्बाद कर दिया है। इसने निवेशकों की पूरी संपत्ति के सफाया कर दिया है। यानी इस क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू शून्य हो गयी। इसके बाद भारतीय एक्सचेंजों ने इसे अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया। हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले ही इसकी वैल्यू 118 डॉलर पर थी। भारतीय रुपये में ये वैल्यू 9143 रु से भी ऊपर होती है। मगर कुछ ही समय में टेरा लूना की सारी वैल्यू गिर गयी और ये जीरो पर आ गयी।
निवेशकों को कितना हुआ नुकसान
टेरा लूना ने अपने निवेशकों की करीब 40 अरब डॉलर की संपत्ति को डूबा दिया। वज़ीरएक्स की तरफ से कहा गया है कि लूना/यूएसडीटी, लूना/आईएनआर, लूना/डब्लूआरएक्स के पेयर को हटाया जा रहा है। आगे कहा कि यह उपयोगकर्ताओं के लिए अपने लूना फंड विदड्रॉ करने के लिए बायनेस मुफ्त ट्रांसफर को इनेबल (शुरू) करेंगे। यूएसडीटी टीथर है, एक स्थिर मुद्रा है, और डब्ल्यूआरएक्स वज़ीरएक्स का यूटिलिटी टोकन है।
इन एक्सचेंजों ने भी हटाया
जेबपे, कॉइनडीसीएक्स और बायनेंस सहित अन्य क्रिप्टो एक्सचेंजों ने भी डीलिस्टिंग के बाद लूना को अपनी सक्रिय टोकन सूची से हटा दिया है। हालाँकि कुछ एक्सचेंज जैसे कि जिओटस पर अभी भी टेरा लूना है। इसके सीईओ विक्रम सुब्बुराज ने कहा कि अगर टेरा ब्लॉकचेन फिर से शुरू होता है, यूएसटी री-पेग सफल होता है और लूना फिर से ईकोसिस्टम में प्रासंगिक बनने का एक तरीका खोज सकती है तो चीजें बदल सकती हैं। हालांकि इन सभी के होने की संभावना कम है।
कैसे हुई शुरुआत
टेरा ब्लॉकचेन गुरुवार को रुक गयी। लूना में गिरावट तब शुरू हुई जब बड़े निवेशकों द्वारा यूएसटी के लाखों डॉलर डंप करना शुरू करने के बाद इसकी सिस्टर टोकन यूएसटी, एक स्थिर मुद्रा, की वैल्यू 1 डॉलर से नीचे आ गयी। एक जानकार के अनुसार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को डर है कि टेरा एक जोखिम भरी करेंसी में बदल गई है, जिसके कारण इस तरह के कदम उठाए गए हैं। एक्सचेंज इन टोकन के कस्टोडियन बने रहते हैं लेकिन आप पहले की तरह इनका ट्रेड नहीं कर सकते।
पहले उठाया जानिए था ये कदम
एक्सचेंजों द्वारा उठाए गए कदमों पर टिप्पणी करते हुए एक जानकार कहते हैं कि एक्सचेंजों को यह कदम पहले उठाना चाहिए था जब लूना की कीमत 1 डॉलर से नीचे गिर गई थी, क्योंकि यह गिरावट नहीं थी, बल्कि यह एक विफलता थी। फाउंडेशन के पास अब दो विकल्प हैं - या तो वे पूरी तरह से छोड़ सकते हैं या निवेशकों को कुछ अतिरिक्त टोकन जारी कर सकते हैं क्योंकि उनके पास अभी भी कुछ पैसा बचा है।
बिटकॉइन की हालत खस्ता
क्रिप्टोकरेंसी ने शुक्रवार को बड़े नुकसान का सामना किया, बिटकॉइन 30,000 डॉलर से ऊपर वापस आ गया, लेकिन अभी भी टेरायूएसडी के पतन के बाद इसमें रिकॉर्ड गिरावट आई। मगर फिलहाल बिटकॉइन 30000 डॉलर के नीचे है। ये गुरुवार को करीब 25,400 डॉलर के 16 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गयी थी। इसके बाद इसने कुछ रिकवरी की है। लेकिन यह लगभग 40,000 डॉलर के एक सप्ताह पहले के स्तर से काफी नीचे है।
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