नई दिल्ली, अक्टूबर 14। आपने सोना या कोयला खनन के बारे में सुना होगा। मगर क्या आपने क्रिप्टोकरेंसी के खनन के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आज सुन लीजिए। दो भारतीय बहन-भाई अमेरिका में क्रिप्टेकरेंसी माइनिंग से हर महीने बहुत मोटा पैसा कमा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये बहन भाई अभी काफी छोटे हैं। ये हैं 14 वर्षीय ईशान ठक्कर और 9 वर्षीय उनकी छोटी बहन अनन्या। ये टेक्सास, अमेरिका के रहने वाले हैं। इन्होंने अपनी समर वैकेशन पर बिटकॉइन, एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरंसीज की माइनिंग से एक कामयाब बिजनेस बना लिया है। जबकि अपनी गर्मी की छुट्टियों में ज्यादातर बच्चे वापस रेस्ट करते हैं। आइए जानते हैं कि क्या होती क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और कैसे ईशान और अनन्या से पैसा कमा रहे हैं।
यूट्यूब से ली मदद
ईशान यूपेन में मेडिसिन की पढ़ाई करने के सपने देखते हैं और अनन्या न्यू यॉर्क विश्वविद्यालय में मेडिसिन की स्टडी करने का सपना देख रही है। इन्होंने अपने बिजनेस के लिए यूट्यूब और इंटरनेट की मद ली। ईशान ने अपने एलियनवेयर को एथर माइनिंग रिग में कंवर्ट कर दिया, जो गेमिंग पर फोकस करने वाला और डेडिकेटेड कंप्यूटर हैं। इसके लिए ईशान ने सभी हायर ऑर्डर कैल्कुलेशन करने के लिए अपने ग्राफिक कार्ड का उपयोग किया।
क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग
हाई पावर वाले कंप्यूटरों का उपयोग करके क्रिप्टोग्राफ़िक इक्वेशंस को हल करके क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्रिप्टो माइनिंग कहा जाता है। यानी इन माइनर्स को क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पेमेंट मिलती है। इस सॉल्यूशन प्रोसेस में डेटा ब्लॉक्स की पुष्टि करना और एक पब्लिक रिकॉर्ड (लेजर) में लेनदेन रिकॉर्ड जोड़ना शामिल है जिसे ब्लॉकचेन कहा जाता है। इनमें जटिल एन्क्रिप्शन तकनीक से सुरक्षित किया जाता है।
गोल्ड या डायमंड जैसी है क्रिप्टो माइनिंग
ईशान कहते हैं कि क्रिप्टो माइनिंग सोने या हीरे के खनन की तरह ही होती है। इसमें फावड़े का उपयोग करने के बजाय आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं। इस माइनिंग में खदान में सोने या हीरे का एक टुकड़ा खोजने के बजाय, आप एक क्रिप्टोकरेंसी ढूंढते हैं।
कितना कमा रहे पैसा
जब भाई-बहनों ने पहली बार एथर माइनिंग शुरू की तो यह देखते हुए कि बिटकॉइन खनन तेज है, क्योंकि बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति की चुनौती थी, ईशान ने अपनी शुरुआती इनकम के रूप में 3 डॉलर कमाए। धीरे-धीरे, जैसा कि उन्होंने इसे पसंद किया, उन्होंने और अधिक प्रोसेसर जोड़ना जारी रखा, जिससे उनके पहले महीने के अंत तक लगभग 1,000 डॉलर हो गए। आज वे मिल कर हर महीने करीब 30000 डॉलर या 22.58 लाख रु कमा रहे हैं।
खोल दी अपनी कंपनी
ईशान और अनन्या ने इस साल अप्रैल में अपने पिता मनीष राज की सहायता से अपनी खुद की माइनिंग कंपनी फ़्लिफ़र टेक्नोलॉजीज की शुरुआत की, जिसने उन्हें अपने परफॉर्मेंस की लिस्ट में अधिक प्रदर्शन बेहतर करने वाले प्रोसेसर जोड़ने में मदद की। वर्तमान में, दोनों के पास 97 से अधिक प्रोसेसर हैं जो उन्हें प्रति सेकंड 1 करोड़ से अधिक ईथर एल्गोरिदम को प्रोसेस की सुविधा देते हैं। इससे सितंबर में उनकी अनुमानित आय लगभग 36,000 डॉलर रही। माइनिंग में ऊर्जा खपत की चिंताओं को लेकर भाई-बहन कहते हैं कि वे इसके लिए 100% नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करते हैं क्योंकि वे पर्यावरण के अनुकूल रहना चाहते हैं।
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