नई दिल्ली, मार्च 23। ऐसी बहुत सी क्रिप्टो रही हैं, जिनमें 24 घंटों में ही तेज उछाल आया। मगर फिर वे गिर गयीं। ऐसी क्रिप्टो जोखिम वाली हो सकती हैं। मगर कुछ लोग इसी से मालामाल हो सकते हैं। 2022 में क्रिप्टो मार्केट में कुछ खास हलचल नहीं दिखी है। इसकी एक वजह यूक्रेन और रूस युद्ध भी है। क्योंकि युद्ध जैसे फैक्टर निवेशकों को जोखिम वाली एसेट से दूर कर देते हैं। पर फिर भी कुछ क्रिप्टो रही हैं, जिनमें कुछ ही समय में तगड़ा उछाल देखा गया। यहां हम आपको एक ऐसी ही क्रिप्टो के बारे में बताएंगे।
ब्लॉकिअस
पहली क्रिप्टो है ब्लॉकिअस। ब्लॉकिअस में कल यानी मंगलवार सुबह 11 बजे तक की पिछली 24 घंटों की अवधि में 3806.35 फीसदी का उछाल आया था। इस समय बीते 24 घंटों में ब्लॉकिअस के रेट में 3.22 फीसदी की गिरावट दिख रही है (कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के अनुसार)। इसकी वॉल्यूम 74.6 फीसदी गिर कर 374,046 डॉलर रह गयी है।
कितनी है सप्लाई
ब्लॉकिअस की कुल सप्लाई और अधिकतम सप्लाई 10,000,000 कॉइन ही है। इसकी वर्तमान कॉइनमार्केटकैप रैंकिंग 3597 है। बता दें कि इसकी लाइव मार्केट कैप उपलब्ध नहीं है।
ये हैं बाकी दो कॉइन
बाकी दो कॉइन जिनमें कल सुबह 11 बजे तक 24 घंटों में तेज उछाल आया था, उनमें हाइड्रामेटा और पार्शियल शेयर शामिल हैं। इन दोनों क्रिप्टो में क्रमश: 480.25 फीसदी और 412.59 फीसदी का उछाल आया था।
अब दिख रही गिरावट
इस समय हाइड्रामेटा के रेट में बीते 24 घंटों के आधार पर 4.03 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं पार्शियल शेयर 72 फीसदी से अधिक गिर चुकी है।
जानिए लीजिए टैक्स नियम
1 फरवरी को वित्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए क्रिप्टो मुद्राओं, क्रिप्टो सामानों और डिजिटल एसेट्स से प्रोफिट पर 30 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव रखा था। ध्यान रहे कि इन पर एक फ्लैट टैक्स रेट लागू होगी। फिर किसी व्यक्ति के पास डिजिटल एसेट्स कितनी भी हो। अधिकारियों ने उल्लेख किया कि ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनमें प्रोफिट 40 लाख रु से अधिक है, लेकिन लोगों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया है या जीरो इनकम के साथ रिटर्न दाखिल किया है।
लगेगा जुर्माना
क्रिप्टो विदेशी मुद्रा में बड़ी संख्या में निवेशक कमाई की घोषणा नहीं कर रहे और इनकम टैक्स विभाग ने उनके बारे में पर्याप्त जानकारी जुटा ली है। आयकर विभाग 31 मार्च के बाद कार्रवाई करेगा। टैक्स अधिकारियों ने कहा कि फाइनेंस में घोषित क्रिप्टो संपत्ति के लिए नए दिशानिर्देशों के तहत शुल्क लगाने के अलावा विभाग जुर्माना भी लगा सकता है, जो टैक्स के ऊपर लगेगा और ऊपर 50 फीसदी तक जा सकता है। इस बीच बताते चलें कि सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पेश करने की कोई योजना नहीं है। ये जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में दी। उन्होंने एक लिखित उत्तर में कहा कि वर्तमान में भारत में क्रिप्टोकरेंसी अनरेगुलेटेड है। आरबीआई क्रिप्टोकरेंसी जारी नहीं करता है। पारंपरिक कागजी करेंसी एक लीगल टेंडर है और आरबीआई द्वारा आरबीआई अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार ये जारी की जाती है। पारंपरिक कागजी करेंसी के एक डिजिटल वर्जन को सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) कहा जाता है।


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