Ftx : निषाद सिंह जो भारतीय मूल के हैं। एफटीएक्स एक्सचेंज में आई अचानक गिरावट की वजह से वे जांच के दायरे में हैं। एफटीएक्स दुनिया के कई बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक हैं। एफटीएक्स में अचानक बहुत बड़ी गिरावट आ गई। जिसके बाद एफटीएक्स के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्रायड और उनके साथ 9 लोगों की सूची में वो हैं। इन पर जांच हो रही हैं।

निषाद की पढ़ाई
निषाद जो हैं। उसने कैलिफोर्निया के क्रिस्टल स्प्रिंग्स अपलैंड्स स्कूल से अपनी स्टडी की हैं। उसके बाद वर्ष 2017 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से सुम्मा कम लॉड में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में स्नातक की जो डिग्री है उसको हासिल की हैं।
निषाद ने फेसबुक में भी काम किया हैं
एफटीएक्स की सहयोगी कंपनी अल्मेडा रिसर्च में दिसंबर 2017 में निषाद सिंह शामिल हुए। जो इस कॉन्ट्रोवर्सी का केंद्र हैं। इसमें काम करने से पहले निषाद फेसबुक में काम किया हैं। फेसबुक में निषाद बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम किया करते थे। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया दिग्गज में मशीन लर्निंग पर काम किया। निषाद करीब 17 महीने तक अल्मेडा रिसर्च में इंजीनियरिंग के निदेशक रहे। उसके बाद निषाद एफटीएक्स एक्सचेज हैं उसमें चले गए। तभी से वे वह शीर्ष इंजीनियरिंग पद पर हैं।
अल्मेडा में 10 बिलियन डॉलर के कस्टमर्स फंड ट्रांसफर किए थे
निषाद सिंह जो एफटीएक्स एक्सचेंज के संस्थापक सैम बैंकमैन-फ्राइड हैं वे उनके इनर सर्किल में थे। रॉयटर्स के अनुसार, एफटीएक्स के जो पूर्व सीईओ हैं सैम बैंकमैन-फ्राइड उन्होंने चुपके से जो एफटीएक्स एक्चेज हैं। उससे अल्मेडा में 10 बिलियन डॉलर के कस्टमर्स फंड हैं। उसको ट्रांसफर किए थे। अल्मेडा रिसर्च के जो सीईओ कैरोलिन एलिसन हैं बुधवार को एक वीडियो मीटिंग में कर्मचारियों को उन्होंने बताया कि वे सैम बैंकमैन-फ्राइड और निषाद सिंह और गैरी वांग, वॉल स्ट्रीट के जो अल्मेडा हैं। उसमें अपने कस्टमर्स फंड को ट्रांसफर करने के फैसला था। उससे अवगत थे। जर्नल ने इस मामले से जो लोग परिचित हैं। उनका हवाला देते हुए कहा।


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