Crude Oil हुआ सस्ता, क्या इस दिवाली में घटेंगे पेट्रोल व डीजल के दाम

Israel-Hamas War की शुरुआत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम में काफी उछाल आया था और ये 93 डॉलर प्रति बैरल के लगभग पहुंच गया था लेकिन अभी भी जंग जारी है। इसके बावजूद कच्चे तेल की प्राइस में अचानक से गिरावट आई है और इससे तमाम देशों को राहत मिली है।

बुधवार को क्रूड की कीमत में 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की प्राइस का असर घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम पर भी पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसे में उम्मीद भी बढ़ गई है कि क्या देश में दिवाली से पहले सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहत देगी?

crude-oil

कच्चे तेल की कीमत के बारे में तो बता दें बुधवार तक कच्चे तेल लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ ब्रेंट क्रूड का दाम 79.80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर डब्लूटीआई की कीमत भी घट कर 75.62 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास पहुंच गई।

क्रूड ऑयल की कीमत में आई इस कमी के बाद भाव 3 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। कीमतों में गिरावट के लिए मांग में कमी को वजह बताया जा रहा है।

कीमतों में गिरावट की वजह

इजरायल हमास युद्ध के चलते बिगड़े भू-राजनैतिक हालातों के बीच भी यूएस से मिडिल ईस्ट तक कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के पीछे के वजहों की बात करें तो कच्चे तेल की सप्लाई में इजाफा इसमें एक है।

यूएस और ओपेक की ओर से मांग से अधिक बढ़ाई गई है। वही, डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवाली से पहले कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के वजह से भारत में पेट्रोल-डीजल पर राहत मिलने की उम्मीद भी बढ़ रही है।

दिवाली से पहले भी दी गई थी राहत

त्यौहारी सीजन में सरकार ने कई तरह से जनता को राहत दी है। सरकार ने हाल ही में रक्षाबंधन त्योहार से ठीक पहले रसोई गैस की कीमतों में 200 रु की कटौती इसका बड़ा उदाहरण है।

वही, अगर हम पेट्रोल डीजल की बात करें तो सरकार ने इससे पहले भी दिवाली से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती का तोहफा आम जनता को दिया है। सरकार ने 4 नवंबर 2021 को पेट्रोल को 5 रु और डीजल 10 रु सस्ता किया था।

वही, आखिरी बार देश में ईंधन की कीमतों में बदलाव 24 मई 2022 को किया गया था, तब से पेट्रोल डीजल प्राइस स्थिर बने हुए हैं।

कच्चा तेल ऐसे डालता है असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की प्राइस में होने वाले बदलाव का असर, देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत पेड़ भी पड़ता है।

गौरतलब है कि भारत कच्चे तेल का काफी बड़ा आयातक है और यह अपनी आवश्यकता का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल बाहर से खरीदता है। भारत को आयात किए जा रहे कच्चे तेल की कीमत अमेरिकी डॉलर में चुकानी होती है।

ऐसे में क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम प्रभावित होते हैं।

यह भी पढ़ें: IIP: सितंबर में औद्योगिक उत्पादन 3 महीने के निचले स्तर पर, जानिए डिटेल

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+