नई दिल्ली, फरवरी 24। रूस के यूक्रेन पर सैन्य हमले के चलते क्रूड से लेकर प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ने लगे हैं। आज करीब 8 साल के बाद कच्चे तेल के दाम फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए हैं। इसके चलते दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल के अलावा गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ना शुरू हो जाएंगे।
आज से पहले ब्रेंट क्रूड का दाम वर्ष 2014 में 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार किया था। रूस के यूक्रेन के प्रति आक्रामक रुख के चलते क्रूड निर्यात के लिहाज से अहम क्षेत्र में भारी उथल-पुथल होने की आशंकाएं हैं। इसके अलावा रूस दुनिया में तेल का दूसरा बड़ा उत्पादक देश है। रूस मुख्य रूप से यूरोप की रिफाइनरियों को कच्चा तेल बेचता है। रूस की यूरोप में कच्चे तेल की आपूर्ति के लिहाज से करीब 35 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा रूस यूरोप को सबसे ज्यादा नेचुरल गैस की आपूर्ति भी करता है।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से दुनिया को होगी परेशानी
अगर रूस का यूक्रेन पर हमला नहीं रुका तो इससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा। करीब 2 साल से महामारी की मार झेल रही दुनिया अब ऐसी बड़ी लड़ाई की कीमत चुकाने की स्थिति में नहीं है। इस स्थिति में रूस पर प्रतिबंध लगेंगे और इससे क्रूड या नेचुरल गैस की आपूर्ति पर असर पड़ेगा। इसका सीधा सा असर ग्लोबल इकोनॉमी पर होगा।
इससे पहले टूट चुका है शेयर बाजार
इससे पहले आज रूस के यूक्रेन पर हमले की घोषणा के चलते शेयर बाजारों में भारी गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। आज बीएसई का सेंसेक्स करीब 1813.61 अंक की गिरावट के साथ 55418.45 अंक के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 514.40 अंक की गिरावट के साथ 16548.90 अंक के स्तर पर खुला।
डॉलर के खिलाफ रुपया भी टूटा
वहीं आज सुबह विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोरी के साथ खुला। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 60 पैसे की कमजोरी के साथ 75.16 रुपये के स्तर पर खुला।


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