नई दिल्ली, अगस्त 26। जुलाई महीने में सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के माध्यम से होने वाले निवेश में मामूली गिरावट आई थी। लेकिन तमाम विपरित परिस्थितियों के बावजूद भारतीय शेयर मार्केट में स्थिति सुधर रही है जिसके कारण म्यूचुअल फंड में एसआईपी के माध्यम से नए इनवेस्टर्स जोड़ने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स का जोश बरकरार है।
हर घर एसआईपी
निवेशको को मोटीवेट करने और आकर्षित करने के लिए कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स ने तो हर घर तिरंगा के तर्ज पर हर घर एसआईपी का एक छोटा सा कैंपेन चलाया है। भारत सरकार ने 76वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर हर घर तिरंगा अभियान लांच किया था जिसके तर्ज पर हर घर एसआईपी अभियान की शुरूआत की गई है। इस अभियान का लक्ष्य हर घर में एक एसआईपी शुरू करवाना है।
लोग लंबे समय तक नहीं कर पाते हैं निवेश
एसआईपी के माध्यम से निवेश करने के कई फायदे हैं, लेकिन एसआईपी के माध्यम से निवेश की बड़ी चुनौती यह है कि इनवेस्टर्स को लंबे समय तक निवेश को जारी रखने के लिए मनाया जा सके। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के अनुसार, तकरिबन 33 फीसदी इक्विटी एसेट्स निवेश एक साल से पहले ही निवेशको द्वारा विदड्रा कर लिए जाते हैं। डाटा के अनुसार 23 फीसदी निवेश एक से दो साल के भीतर निकाल लिए जाते हैं बचे 44 फीसदी निवेश ही दो साल से ज्यादा के अवधि के लिए बने रहते हैं।
हर महीने 75,000 के निवेश से बन सकते हैं करोड़पति
अगर कोई व्यक्ति स्वतंत्रता दिवस से ही सिर्फ 7,500 रुपये महीने का एक एसआईपी शुरू करता है और भारत की आजादी के 100वें साल तक इसे भरता रहात है तो वह करोड़ो का मालिक होगा।
क्या है निवेश प्लान
यदि कोई व्यक्ति 2022 में 7,500 रुपये महीने के निवेश के साथ एसआईपी की शुरुआत करता है तो 25 साल में उसका कुल निवेश 22.50 लाख रुपये का होगा। अगर यह मान लें कि भारत का इक्विटी मार्केट 25 साल तक 12 फीसदी की दर से बढ़ता रहेगा तो आजादी के 100वें साल तक निवेशक का पैसा 1.27 करोड़ रुपये का होगा।
अगर इक्विटी मार्केट 15 फीसदी के दर से बढ़ता है तो यह निवेश 2 करोड़ रुपए से अधिक का होगा।


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