Credit Card : आज के वक्त में कई सारे लोगों के पास क्रेडिट कार्ड है और वे इसका इस्तेमाल काफी अधिक करते हैं। किसी भी पेमेंट को करने के लिए उन्हें बेहद ही आसानी से हर सुविधा मिल जाती है। जिस भी व्यक्ति के पास क्रेडिट कार्ड होता है उन्हें क्रेडिट लिमिट के हिसाब से खरीदारी करने की सुविधा प्रदान की जाती हैं।
क्रेडिट कार्ड होल्डर क्रेडिट लिमिट के हिसाब से खरीदारी कर सकता है और जब उसकी सैलरी आ जाती है तो फिर वह इस बिल का भुगतान कर सकता है। इतना ही नहीं इसके अलावा क्रेडिट कार्ड होल्डर को क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए कुछ अतिरिक्त वक्त भी दिया जाता है।

अगर व्यक्ति उस अतिरिक्त वक्त के अंदर भी क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान नहीं कर पाता है, तो फिर उसको जुर्माने का भुगतान करना पड़ता है। अगर आप भी क्रेडिट कार्ड होल्डर हैं और आप क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान वक्त पर नहीं कर पाते हैं तो फिर आपको क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले जुर्माने के बारे में पता होना चाहिए।
अगर आपको सामान खरीदते हैं और उसका भुगतान क्रेडिट कार्ड की मदद से करते हैं तो फिर आपको क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाने के लिए 20 से 50 दिन का वक्त दिया जाता है। अगर आप इन निर्धारित वक्त के भीतर क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान नहीं कर पाते हैं या फिर देरी से बिल का भुगतान करते हैं तो फिर आपको पेनाल्टी लगती है।
बैंक या फिर क्रेडिट कार्ड देने वाली कंपनी आपके बकाया पर हर महीने ब्याज की गणना करती है। जिसको ऐपीआर कहा जाता है। यह ब्याज की दरें 14 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत के बीच हो सकती है।
इसी वजह से आप समान की खरीददारी करने के बाद वक्त से आपको बकाया राशि का भुगतान कर देना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो फिर बकाया राशि पर ब्याज बढ़ता जाता है। यह ब्याज आपकी बकाया राशि के मुताबिक और ज्यादा वक्त के मुताबिक लगाया जाता है।
अगर आप क्रेडिट कार्ड के बिल के भुगतान करने में जितनी अधिक देरी करते है ब्याज को उतना ही अधिक बढ़ता जाता है लेकिन न्यूनतम राशि के भुगतान के बाद भी बैंक आपसे ब्याज प्रतिदिन के हिसाब से लेता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक इस दिए गए फार्मूले के हिसाब से ब्याज की गणना करते है लेन-देन की डेट से कुल दिन × शेष राशि × मंथली क्रेडिट कार्ड ब्याज दर × 12 महीने / 365 दिन।


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