सरकारी कर्मचारियों को तगड़ा झटका, जून 2021 तक नहीं होगी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी

नयी दिल्ली। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (सीपीएसई) के कर्मचारियों को सरकार ने तगड़ा झटका दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी पर रोक लगा दी गई है। फैसला लिया गया है कि 2017, 2007, 1997, 1992 और 1987 के आईडीए वेतन संशोधन दिशानिर्देशों के अनुसार सीपीएसई कर्मचारियों को 1 अक्टूबर 2020 से देय महंगाई भत्ते की अतिरिक्त किस्तों का भुगतान नहीं किया जाएगा। ये फैसला कोरोना संकट के चलते लिया गया है। असल में कोरोना संकट के कारण सरकार के राजस्व में भारी गिरावट आई है। सार्वजनिक उपक्रम विभाग (डीपीई) ने इस मामले में मेमोरेंडम जारी किया। 01.01.2021 और 01.04.2021 से दिए जाने वाले महंगाई भत्ते की अतिरिक्त किस्तों का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। हालांकि मौजूदा दरों पर महंगाई भत्ता (जो कि 1 जुलाई 2020 से प्रभावी है) का भुगतान जारी रहेगा।

कोरोना संकट है असल वजह

कोरोना संकट है असल वजह

कोरोना संकट ने सरकारी राजस्व को बुरी तरह प्रभावित किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महंगाई भत्ता न बढ़ाने का फैसला सरकार ने कुछ महीने पहले लॉकडाउन में ही ले लिया था। तब ऐलान किया गया था कि जनवरी 2020 से जून 2021 तक महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी नहीं होगी। संभावना जताई जा रही है कि अब महंगाई भत्ते में जून 2021 के बाद ही बढ़ोतरी होगी।

50 लाख सरकारी कर्मचारियों को झटका

50 लाख सरकारी कर्मचारियों को झटका

अप्रैल में वित्त मंत्रालय ने कोरोना संकट के कारण जुलाई 2021 तक लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि पर रोक लगाने का फैसला किया था। डीपीई के अनुसार 1 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि के लिए किसी तरह के बकाये का कोई भुगतान नही मिलेगा।

आंध्र प्रदेश सरकार का फैसला

आंध्र प्रदेश सरकार का फैसला

बता दें कि केंद्र सरकार से पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने भी लाखों कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को अगले साल जुलाई 2021 तक के लिए रोक दिया है। आंध्र प्रदेश की सरकार ने महंगाई भत्ते के अलावा महंगाई राहत (डीआर) पर भी रोक लगा दी है। मालूम हो कि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता दिया जाता है। हर साल जनवरी और जुलाई महीनों में ये संशोधित होता है। सरकार ने अप्रैल में ही कहा था कि 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2020 से दिए जाने वाले महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त का भुगतान नहीं किया जाएगा। फिलहाल मौजूदा दरों पर ये भत्ते मिलते रहेंगे।

सरकार पर अतिरिक्त बोझ

सरकार पर अतिरिक्त बोझ

एक रिपोर्ट के अनुसार अगर महंगाई भत्ता बढ़ता तो सरकार पर 14,510 करोड़ रु का अतिरिक्त बोझ बढ़ता। मगर सरकार ने कर्मचारियों का ये भत्ता रोक कर इस बोझ को टाल दिया है।

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