CPI Inflation: देश महंगाई के मोर्चे पर राहत की खबर आई है. मंथली बेसिस पर रिटेल महंगाई के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की जा रही है. रिटेल महंगाई दर नवंबर में 5.48 फीसदी पर आ गई, जोकि अक्टूबर में 6.21 फीसदी पर थी. अक्टूबर में महंगाई दर 14 महीने में सबसे ऊंचाई पर पहुंच गई थी. इस लिहाज से नवंबर में महंगाई दर का आंकड़ा रिजर्व बैंक के तय दायरे 2-6 फीसदी में आ गई है.
महंगाई के मोर्चे पर मिली राहत
खाद्य महंगाई दर के आंकड़ों में भी नवंबर में गिरावट दर्ज की गई. फूड इनफ्लेशन घटकर 9.04 फीसदी पर आ गया, जोकि महीनेभर पहले 10.87 फीसदी पर था. ग्रामीण महंगाई दर अक्टूबर में 6.68 फीसदी पर थी, जोकि अब घटकर 5.95 फीसदी पर आ गई. वहीं, अर्बन इनफ्लेशन रेट 4.83 फीसदी पर रही, जोकि अक्टूबर में 5.62 फीसदी पर थी.

ये आइटम नहीं हुए सस्ते
इस दौरान हाउसिंग इनफ्लेशन रेट मंथली बेसिस पर 2.81 फीसदी से बढ़कर 2.87 फीसदी पर पहुंच गई. क्लोदिंग एंड फुटवियर महंगाई दर भी बढ़कर 2.75 फीसदी पर पहुंच गई है, जोकि पिछले महीने 2.70 फीसदी पर थी. जबकि नवंबर में दालें सस्ती हुई हैं, क्योंकि पल्सेज इनफ्लेशन रेट 7.43 फीसदी से घटकर 5.41 फीसदी पर आ गई है.
इंडस्ट्रियल ग्रोथ 3 महीने में सबसे ज्यादा
इंडस्ट्रियल ग्रोथ के आंकड़े आज 12 दिसंबर को ही जारी किए गए. अक्टूबर में भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट तीन महीने के उच्चतम स्तर 3.5% पर पहुंच गई, जो सितंबर में 3.1% थी. त्योहारी सीजन के चलते यह ग्रोथ देखने को मिल रही. इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स 40% योगदान देने वाले कोर सेक्टर इंडस्ट्रीज ने अक्टूबर में बेहतर प्रदर्शन किया.


Click it and Unblock the Notifications