CPI Inflation: फेस्टिव सीजन के बीच बड़ी खबर आई है. रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी हो गए हैं. अक्टूबर में रिटेल महंगाई दर 14 महीने में सबसे ज्यादा है. इसकी जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ स्टैस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MoSPI) ने मंगलवार को दी. यह पहला मौका है जब CPI और IIP के आंकड़े शाम 4 बजे जारी किए गए. इससे पहले 5:30 बजे आंकड़े जारी होते थे.
रिजर्व बैंक के दायरे से बाहर निकला महंगाई
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रिटेल महंगाई दर अक्टूबर में 6.21% पर पहुंच गया है. जोकि सितंबर में 5.49 फीसदी पर था. यह रिजर्व बैंक यानी RBI के तय दायरे 4% (+/-2%) के बाहर निकल गया है. रिटेल महंगाई बढ़ने की वजह फूड इनफ्लेशन में बढ़त रही, जोकि अक्टूबर में 10.87% पर पहुंच गई है. फूड इनफ्लेशन बढ़ने के चलते घरेलू बजट पर इसका असर देखने को मिला.
फूड इनफ्लेशन ने बिगाड़ा बजट
फूड इनफ्लेशन बढ़ने के पीछे खाने पीने के सामान के भाव में इजाफा रहा. इसमें टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में इजाफा है, जिसके वजह से महंगाई में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सितंबर से अक्टूबर में महंगाई दर 1.34 फीसदी बढ़ी है. रूरल इनफ्लेशन के बात करें तो अक्टूबर महीने में यह 6.68% और अर्बन इनफ्लेशन थोड़ा सा गिरकर 5.62% पर आ गया है. खाद्य महंगाई दर ग्रामीण क्षेत्रों में 10.69 फीसदी पर रही जबकि शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई 11.09 फीसदी पर रहा.

कोर इनफ्लेशन भी बढ़ी
हाउसिंग इनफ्लेशन केवल अर्बन सेंटर्स में ट्रैक किया जाता है, जोकि अक्टूबर में बढ़कर 2.81 फीसदी पर पहुंच गया. यह सितंबर में 2.72% पर था. ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी इंडेक्स में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई, जोकि मंथली बेसिस पर 5.39 फीसदी से बढ़कर 5.45 फीसदी पर पहुंच गया है. कोर महंगाई, जिसमें फूड और एनर्जी सेक्टर नहीं शामिल हैं. यह 10 महीने के हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गया है. अक्टूबर में कोर इनफ्लेशन 3.7 फीसदी रही, जोकि सितंबर में 3.5 फीसदी था.


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