नयी दिल्ली। कोरोनोवायरस के खतरे के बीच सेवाएं देने वाले बैंक कर्मियों के प्रयासों को सलाम करते हुए वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों (पीएसबी) के कर्मचारियों के लिए घातक वायरस के कारण दुर्भाग्यपूर्ण मौत के मामले में बीमा कवर देने का ऐलान किया है। बैंकों ने भी कर्मचारियों के लिए प्रोटेक्टिव गियर और मेडिकल केयर का ऐलान किया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। सरकारी बैंकों ने अपने कर्मचारियों के लिए विशेष डॉक्टरों की नियुक्ति की है और कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए हेल्पलाइन भी चालू की है। बता दें कि इन सबके ऊपर बैंक कर्मचारियों के लिए जिस सहायता का ऐलान किया गया है वो है कोरोना से दुर्भाग्यपूर्ण मौत के मामले में 20 लाख रु का मुआवजा। सूत्रों के अनुसार खबर है कि बैंकों ने अपने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए खुद के फाइनेंशियल प्रोडक्ट तैयार किए हैं, जिनके जरिए COVID-19 के कारण दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मामले में किसी भी कर्मचारी के घरवालों को 20 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
पीएम और वित्त मंत्री ने की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस चुनौतीपूर्ण समय में अपने कर्तव्य को निभाने के लिए बैंकरों की तारीफ की है। वित्तीय सेवाएं कुछ उन आवश्यक सर्विसेज का हिस्सा हैं, जो लॉकडाउन के दौरान चालू हैं। एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक सहित कई बैंकों ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें कोरोनावायरस से बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए एसबीआई ने कोरोनोवायरस प्रकोप के बीच कर्मचारियों को मोटिवेटेड रखने के लिए एक क्विक रेस्पोंस टीम की स्थापना की है।
तैयारी किया हेल्पलाइन नंबर
एक रिपोर्ट के मुताबिक एसबीआई ने एक हेल्पलाइन चालू की है, जो डॉक्टरों और मनोवैज्ञानिकों संभालेंगे। एसबीआई ने यह कदम कर्मचारियों के स्वास्थ्य के साथ साथ तनाव को भी ध्यान में रखते हुए उठाया है। बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने ड्यूटी पर तैनात सभी डाक कर्मचारियों को कोरोनावायरस से मौत के मामले में 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया था। संचार मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर ग्रामीण डाक सेवकों सहित सभी डाक कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनाती के दौरान कोरोना से मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
कोरोना से जंग में आगे आया पोस्ट ऑफिस
पोस्ट ऑफिस अपनी सेवाएं देने के साथ ही स्थानीय राज्य प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क करके देश भर में COVID-19 किट, भोजन के पैकेट, राशन और आवश्यक दवाएं आदि भी पहुंचा रहा है। इस तरह पोस्ट ऑफिस COVID-19 संकट के समय में सामाजिक सेवा करने के साथ-साथ विभागीय कर्तव्यों का भी पालन कर रहा है। इसी तरह के कदम रेलवे ने भी उठाए हैं।
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