नयी दिल्ली। महीनों से कोरोनावायरस का कहर जारी है। लाखों लोग इस घातक वायरस से जान गंवा चुके हैं, जबकि करोड़ों संक्रमित हुए हैं। इस एक वायरस ने दुनिया भर में कारोबार ठप्प कर दिए और देशों की अर्थव्यवस्थाओं को चौपट कर दिया। इसके चलते करोड़ों लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा या फिर उनकी सैलेरी काटी गई। मगर अब यही कोरोनावायरस आपको करोड़पति बना सकता है। जी हां 1-2 नहीं बल्कि कोरोनावायरस से जुड़ी एक प्रतियोगिता में जीतने पर आपको 37 करोड़ रु का इनाम मिलेगा। इस प्रतियोगिता में आपको खास टैलेंट की जरूरत होगी। आइए जानते हैं प्रतियोगिता के बारे में।
कैसे जीत सकते हैं आप
बता दें कि एक गैर-सरकारी संस्था एक्सप्राइज (XPrize) ने एक खास प्रतियोगिता में जीतने वाले के लिए 50 लाख डॉलर (37.39 करोड़ रु) का इनाम रखा है। आपको इसमें एक चैलेंज पूरा करना है। इनाम जीतने के लिए आपको कोरोना टेस्ट के लिए एक ऐसा तरीका खोजना होगा जो तेज काम करे और सस्ता भी हो। ये प्रतियोगिता 6 महीनों तक चलने वाली है। विजेता के नाम की घोषणा अगले साल होगी। तो फटाफट एक सस्ती और तेज नतीजे देने वाली कोरोनावायरस टेस्टिंग किट तैयार कीजिए और करोड़ों का इनाम पाइए।
क्या है प्रतियोगिता का नाम
6 महीने के लंबे समय तक चलने वाली इस प्रतियोगिता का नाम 'एक्सप्राइज रैपिड कोविड टेस्टिंग' रखा गया है। इस प्रतियोगिता का असल उद्देश्य जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी बेहतर और किफायती कोरोना टेस्टिंग किट बनाना है। इसीलिए लोगों के सामने इतने बड़े इनाम का ऐलान किया गया है। जैसा कि बताया गया इस प्रतियोगिता का विजेता वही होगा जो तेज और सस्ती कोरोना टेस्टिंग किट तैयार करे। विजेता का नाम 2021 में ही सामने आ सकेगा।
वैज्ञानिकों प्रतिभा को मिलेगा बढ़ावा
जिस तरह की ये प्रतियोगिता है उससे साफ जाहिर है कि इसके लिए वैज्ञानिकी कौशल की जरूरत है। एक्सप्राइज की तरफ से कहा गया है कि इस प्रतियोगिता के जरिए दुनियाभर के वैज्ञानिकों के कौशल को मानवता के लिए इस्तेमाल में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता से इतनी आसान टेस्टिंग किट बनाए जाने का लक्ष्य है, जिसे छोटा बच्चा भी इस्तेमाल कर सके। वहीं जहां तक रिजल्ट का सवाल है तो ये 15 मिनट में पता लगना चाहिए।
इस समय टेस्टिंग पर कितना खर्च
एक्सप्राइज के मुताबिक इस समय कोरोनावायरस टेस्टिंग पर लगभग 7479 रु का खर्च आ रहा है। इस खर्च क घटाकर 1121 रु लाए जाने का प्रयास है। पेश की गई प्रतियोगिता के आखिर में पांच विजेता टीमों का चयन होगा। इसमें हर टीम को 10 डॉलर (7.47 करोड़ रु) मिलेंगे। ध्यान रहे कि हर टीम को 2 महीने में हर हफ्ते 500 कोरोना टेस्ट करने होंगे, जिसे उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार 1000 या उससे ज्यादा तक बढ़ाने की छूट होगी। एक्सप्राइज सीईओ अनुशेह अंसारी कहते हैं कि टेस्टिंग की कमी की वजह से ही कोरोना मामलों का पता नहीं चलता और संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। उनका मानना है कि अगर सही समय पर जांच से जल्दी रिपोर्ट मिले तो इससे निपटना आसान हो जाएगा।


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