नयी दिल्ली। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकाडाउन के कारण देश में लगभग सभी आर्थिक गतिविधिया बंद हो गई थीं। इससे आयात-निर्यात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। मई में लॉकडाउन में ढील देनी शुरू की गई, जिससे देश में कारोबार फिर से पटरी पर लौटने शुरू हुए। मगर आयात-निर्यात पर लॉकाडाउन में ढील का कोई खास फर्क नहीं पड़ा। यही वजह है कि 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले 2020-21 की समान तिमाही में भारत के गोल्ड आयात में 94 फीसदी की गिरावट आई। आइए जानते हैं वैल्यू में कितने सोने का आयात किया गया।
5160 करोड़ रु का सोना आया
2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में देश में 11.5 अरब डॉलर या 86,250 करोड़ रु का सोना आया था। मगर 2020-21 की समान तिमाही में सिर्फ 68.8 करोड़ डॉलर या 5160 करोड़ रु का सोना आ सका। इसी तरह इस तिमाही के दौरान चांदी का आयात भी 45 प्रतिशत घटकर 57.5 करोड़ डॉलर (लगभग 4,300 करोड़ रुपये) रह गया। वैसे तो सोने और चांदी के आयात में गिरावट से देश के व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिली है। आयात और निर्यात के बीच के अंतर को व्यापार घाटा कहते हैं। अप्रैल-जून 2020-21 के दौरान व्यापार घाटा 9.12 अरब डॉलर रह गया, जो कि एक साल पहले की इसी अवधि में 45.96 अरब डॉलर था।
करेंट अकाउंट सरप्लस
व्यापार घाटा कम होने के कारण भारत ने जनवरी-मार्च तिमाही में 0.6 अरब डॉलर या जीडीपी के 0.1 फीसदी का चालू खाता अधिशेष (करेंट अकाउंट सरप्लस) रिकॉर्ड किया। जबकि पिछले साल इसी अवधि में भारत ने 4.6 अरब डॉलर जीडीपी के 0.7 फीसदी के बराबर का डेफिसिट दर्ज किया था। सोने का आयात पिछले साल दिसंबर से लगातार घट रहा है। मार्च, अप्रैल, मई और जून में गिरावट क्रमशः 62.6 प्रतिशत, 99.93 प्रतिशत, 98.4 प्रतिशत और 77.5 प्रतिशत रही।
भारत सबसे बड़ा सोना आयातक
चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे सोने का उपभोक्ता है। मगर आयात करने के मामले में भारत अव्वल है, जिसके जरिए देश में मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा किया जाता है। मात्रा के लिहाज से देश सालाना 800-900 टन सोना आयात किया जाता है। अप्रैल-जून 2020 में रत्न और आभूषण निर्यात लगभग 72 प्रतिशत घटकर 2.7 अरब डॉलर के रह गए। भारत में गोल्ड निवेश का भी एक माध्यम है। गोल्ड पर मिले रिटर्न की बात करें तो इस साल में अब तक इसने 25 फीसदी का दमदार रिटर्न दिया है। कीमतें बढ़ने से निवेशकों का रुझान भी गोल्ड की तरफ बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि गोल्ड में आगे भी तगड़ा मुनाफा देने की क्षमता है। वैसे भी कोरोना जैसे संकट के समय निवेश के मामले में गोल्ड एक बेहतर विकल्प है, जो आपका जोखिम कम करवाता है।
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