नयी दिल्ली। कोरोनावायरस का खतरा बढ़ने के साथ ही जिन चीजों की मांग सबसे अधिक बढ़ी उनमें मास्क के अलावा सेनिटाइजर शामिल है। इन दोनों चीजों के दाम बहुत तेजी से बढ़े। यहां तक कि मास्क की कालाबाजारी होने लगी और सेनिटाइजर नकली बनाया जाने लगा। नकली सेनिटाइजर बनाने वालों पर पुलिस ने छापेमारी भी की। कोरोनावायरस का खतरा कम होने के बजाय और बढ़ा है और लोगों को सेनिटाइजर की जरूरत होगी ही। इसी के मद्देनजर कुछ एफएमसीजी कंपनियों ने सेनिटाइजर के दाम कम किये हैं। वरना इससे पहले सेनिटाइजर कई गुना तक कीमत पर बेचा जा रहा था।
सरकार की बात मानी
सेनिटाइजर की बढ़ती मांग के बीच सरकार की बात मानते हुए कंपनियों ने सेनिटाइजर की कीमतें घटा दी हैं। साथ ही कंपनियों ने सेनिटाइजर का प्रोडक्शन बढ़ा दिया है, ताकि बाजार में इसकी उपलब्धता बनी रहे। कई एफएमसीजी कंपनियों, जिनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, गोदरेज, हिमालय और डाबर शामिल हैं और सेनिटाइजर बनाती हैं, के अनुसार वे कीमतों पर लगी पाबंदी का उल्लंघन न करते हुए इस गंभीर संकट के समय देश के साथ हैं। इसीलिए इन्होंने इस जरूरी उत्पाद की कीमतें घटा दी हैं और उत्पादन में इजाफा किया है।
सरकार ने तय किए दाम
सरकार ने 200 एमएल हैंड सेनिटाइजर का अधिकतम रिटेल दाम 100 रुपये तय कर दिया है। ये दाम 30 जून तक के लिए तय किये गये हैं। गोदरेज कंज्यूमर और आईटीसी ने रविवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाद अपने एंट्री-लेवल हैंड सैनिटाइज़र पैक की कीमतों में लगभग 66 प्रतिशत की कटौती की। अब गुदराज प्रोटेक्ट के 50 एमएल की कीमत 25 रुपये होगी, जो पहले 75 रुपये थी। वहीं आईटीसी के सेवलॉन की कीमत 27 रुपये होगी, जो पहले 77 रुपये थी।
हिदुस्तान यूनिलीवर ने उठाया बड़ा कदम
हिदुस्तान यूनिलीवर ने अपने लाइफबॉय हैंड सैनिटाइजर और हैंड वॉश के साथ-साथ डोमेक्स फ्लोर क्लीनर की कीमत में 15 फीसदी की कमी की। कंपनी ने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में उत्पादों को बाजार में पेश किया जाएगा। इसके अलावा, हिदुस्तान यूनिलीवर ने कोरोनावायरस से लड़ने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि भी दी है। साथ ही कुछ अन्य उपाय भी किये गये हैं, जिनमें जरूरतमंद लोगों को साबुन की मुफ्त उपलब्धता, बेहतर परीक्षण सुविधाएं और सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रमों के लिए 10 करोड़ रुपये का दान शामिल है।


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