कोरोना का असर : L&T Group के अधिकारियों ने छोड़ी 53 फीसदी तक सैलेरी

नयी दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच इंजीनियरिंग और निर्माण सेगमेंट की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के प्रमुख अधिकारियों ने अपने वेतन में 53 फीसदी तक कटौती पर सहमति जताई है। ग्रुप के चेयरमैन एके नायक की सैलेरी में 24.19 फीसदी की कटौती की जाएगी। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार नायक ने 2018-19 में 8.15 करोड़ रु की सैलेरी ली थी। इसके मुकाबले 2019-20 में नायक ने 6.18 करोड़ रु की सैलेरी ली। लार्सन एंड टुब्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रह्मण्यन ने 2019-20 के लिए 27.17 करोड़ रुपये का मेहनताना लिया। ये सैलेरी उन्हें 43.91 प्रतिशत कटौती के बाद मिली।

क्यों घटाई गई सैलेरी

क्यों घटाई गई सैलेरी

कंपनी की सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकारियों की सैलेरी में कटौती मुख्य रूप से मौजूदा महामारी को देखते हुए लागत कम करने के उपायों के तहत ली गई है। सैलेरी में इस कटौती को अधिकारियों ने स्वेच्छा से स्वीकार किया है। कोरोना के कारोबार पर प्रभाव को देखते हुए कार्यकारी निदेशकों ने अपनी कमीशन में भी 50 प्रतिशत की स्वैच्छिक कटौती स्वीकार की। वहीं दूसरी तरफ मैनेजमेंट के अलावा 2019-20 के लिए अन्य कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई। बाकी कर्मचारियों की सैलेरी में औसतन 4.70 वृद्धि की गई।

सीएफओ की सैलेरी में 47 फीसदी से अधिक कटौती

सीएफओ की सैलेरी में 47 फीसदी से अधिक कटौती

पूर्णकालिक निदेशक (Whole-Time Director) और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) आर शंकर रमन की सैलेरी में 47.33 प्रतिशत की कटौती हुई। उन्हें 13.20 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं दूसरे पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (पावर) शैलेन्द्र रॉय के वेतन में सबसे अधिक 53.01 प्रतिशत की कटौती हुई। रॉय को 6.63 करोड़ रुपये का वेतन मिला। पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (इन्फ्रास्ट्रक्चर) डीके सेन का वेतन 36.15 प्रतिशत घट कर 4.46 करोड़ रुपये, पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (बिल्डिंग, मिनरल और धातु) एमवी सतीश की सैलेरी 38.41 फीसदी घट कर 5.77 करोड़ रुपये और पूर्णकालिक निदेशक और वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (रक्षा और स्मार्ट टेक्नोलॉजी) जे डी पाटिल का वार्षिक वेतन 38.91 प्रतिशत गिर कर 5.08 करोड़ रुपये रह गया।

आत्मनिर्भर अभियान पर जोर

आत्मनिर्भर अभियान पर जोर

नायक ने वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि यह बाहरी निर्भरता को कम करने का सही मौका है, क्योंकि दुनिया चीन के खिलाफ है और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश कर रही है। उन्होंने सरकार से आत्मानिर्भर भारत के तहत बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए भूमि अधिग्रहण, कॉम्पिटेंसी और स्किल बिल्डिंग में बहुत आवश्यक सुधार लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मानिर्भर भारत के आह्वान की गूंज देशभर में है। बता दें कि ग्रुप लेवल पर लार्सन एंड टुब्रो ने वित्त वर्ष 2019-20 में पीएम केयर्स फंड के लिए 150 करोड़ रुपये का योगदान दिया था।

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