नयी दिल्ली। कोरोनावायरस और इसे रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का आर्थिक प्रभाव काफी निगेटिव रहा है। कंपनियों पर भी इसका काफी गहरा असर पड़ा, जिससे उन्हें कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी। इससे देश में बेरोजगारी दर काफी हाई रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार मई 2020 में भारत की बेरोजगारी दर 23.5 फीसदी पर स्थिर रही। मई में बेरोजगारी दर में अप्रैल के मुकाबले कोई फर्क नहीं आया है। अप्रैल में भी यह 23.5 फीसदी ही रही थी। भारत में बेरोजगारी अप्रैल से ही बढ़ी। फरवरी में ये दर 7.8 फीसदी और मार्च में 8.8 फीसदी थी। मगर लॉकडाउन शुरू होते ही ये अप्रैल में 23.5 फीसदी पर पहुंच गई। आइये जानते हैं मई में कैसा रहा अलग अलग राज्यों का हाल।

झारखंड का हाल सबसे बुरा
बड़े राज्यों में झारखंड, बिहार और दिल्ली में बेरोजगारी दर काफी अधिक रही है। इन राज्यों में क्रमशः 59.2 फीसदी, 46.2 फीसदी और 44.9 फीसदी बेरोजगारी दर रही। वहीं इस मामले में उत्तराखंड, असम और ओडिशा की स्थिति काफी बेहतर रही। इन राज्यों में सबसे कम बेरोजगारी दर रही। उत्तराखंड, असम और ओडिशा में क्रमशः 8.0 फीसदी, 9.6 फीसदी और 9.6 फीसदी बेरोजगारी दर दर्ज की गई। इसके लिए बेरोजगारी संख्या देखने के लिए नीचे दिए गए नक्शे में एक राज्य पर टैप या माउसओवर करें। झारखंड में बेरोजगारी अप्रैल 2020 में 47.1% से बढ़कर मई 2020 में 59.2% हो गई। एक लंबी समय अवधि में देखें तो बेरोजगारी जुलाई 2017 में सिर्फ 1.6 फीसदी थी, जो अब 59.2% है।
अन्य बड़े राज्यों में बेरोजगारी दर :
- यूपी : 20.8 फीसदी
- महाराष्ट्र : 16.5 फीसदी
- राजस्थान : 14.1 फीसदी
- गुजरात : 13.6 फीसदी
- कर्नाटक : 20.4 फीसदी
- तमिलनाडु : 33 फीसदी
- पश्चिम बंगाल : 17.4 फीसदी
- आंध्र प्रदेश : 17.5 फीसदी


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