नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने गोल्ड आयात को बुरी तरह प्रभावित किया है। अप्रैल में भारत के गोल्ड आयात में 99.9 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले महीने भारत का सोना आयात करीब 30 सालों के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसकी एक ही वजह है लॉकडाउन के कारण हवाई यात्रा और ज्वेलरी की रिटेल दुकानों के खुलने पर पूरी तरह पाबंदी। चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे सोने का उपभोक्ता है। बावजूद इसके अप्रैल में सिर्फ 50 किलोग्राम सोना ही आयात किया गया, जबकि पिछले साल अप्रैल में देश में 110.18 टन सोना आयात किया गया था।
कितनी रही गोल्ड आयात की कीमत
सरकारी सूत्रों के हवाले से रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पिछले साल अप्रैल में 3.97 अरब डॉलर का सोना भारत में आयात किया गया था, जबकि इस साल अप्रैल में केवल 28.4 लाख डॉलर का ही सोना आ सका। अप्रैल में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे लॉकडाउन के कारण सोने का आयात बहुत कम रह गया। लॉकडाउन के कारण कई उद्योग पूरी तरह बंद हो गए, जिसका अर्थव्यवस्था पर काफी निगेटिव असर पड़ रहा है। भारत का अधिकांश आयात हवाई मार्ग से होता है और एयरलाइन उद्योग पूरी तरह से बंद है, जिसके चलते आयात ठप्प हो गया।
कितना रह सकता है गोल्ड आयात
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन एन अनंत पद्मनाभन के मुताबिक इस साल सोने का आयात लगभग 350 टन रह सकता है, जो पिछले साल के मुकाबले आधा होगा। इधर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच लगातार दो दिन चढ़ने के बाद सोने की कीमतों में मंगलवार को गिरावट आई। सोने का भाव 377 रुपए प्रति दस ग्राम की गिरावट के साथ 45,430 रुपए पर आ गया। उधर अमेरिकी बाजार में सोना 6.70 डॉलर प्रति औंस की गिरावट के साथ 1,706.60 डॉलर प्रति औंस पर है, जबकि यूरोपीय बाजार में गोल्ड का रेट 4.41 यूरो प्रति औंस की गिरावट के साथ 1,555.85 यूरो प्रति औंस पर है।
गोल्ड पर हो रहा मुनाफा
करीब एक हफ्ते पहले आई रिपोर्ट के मुताबिक गोल्ड फंड पिछले एक महीने में 11.43 फीसदी रिटर्न देने में कामयाब रहा। वहीं इसने तीन महीनों में 18.51 फीसदी और एक साल में 46.46 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं पिछले एक साल में एसबीआई गोल्ड फंड ने धमाकेदार 64.42 फीसदी रिटर्न दिया। छोटी और लंबी अवधि की मैक्रोइकॉनॉमिक तस्वीर को देखते हुए सोना एक उपयोगी पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन टूल होगा और इस तरह आपको पूरे पोर्टफोलियो के जोखिम को कम करने में मदद भी करेगा। इसलिए निवेशकों को व्यवस्थित तरीके से सोने में निवेश करते रहना चाहिए।
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