नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया। इस महामारी के कारण लोगों की नौकरी जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब दो और प्रमुख कंपनियों ने अपने सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। ये कंपनियां हैं कारदेखो और उबर। ऑनलाइन ऑटो क्लासिफाइड पोर्टल कारदेखो ने लगभग 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। इतना ही नहीं कंपनी ने पूरे बोर्ड में वेतन कटौती की शुरुआत भी की है। कारदेखो ने अपने कर्मचारियों की सैलेरी में 22.5 फीसदी तक की भारी कटौती की है। जयपुर स्थित कंपनी उन स्टार्टअप की श्रृंखला में सबसे नया नाम है जिन्होंने कोरोना महामारी के मद्देनजर अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। कारदेखो ने अपने 5000 में से 200 कर्मचारियों को निकाला है। इस संख्या में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
कितनी घटाई सैलेरी
ईटी टेक की एक रिपोर्ट के अनुसार कारदेखो ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने और सैलेरी में कटौती की पुष्टि की है। कंपनी ने 2.5 से 5 लाख रु तक की सालाना इनकम वालों की सैलेरी में 12.5 फीसदी और 5 से 15 लाख रु तक सालाना कमाने वालों के वेतन में 15 फीसदी कटौती का फैसला लिया है। ये कटौती मई से जुलाई तक के लिए की गई है। इसके अलावा 15 से 40 लाख रु तक कमाने वालों की सैलेरी में 20 फीसदी और इससे अधिक इनकम वालों की सैलेरी में 22.5 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है।
उबर का सख्त फैसला
उबर ने अपनी करीब एक-चौथाई वर्कफोर्स को ही निकाल दिया है। कंपनी ने अपने 2600 कर्मचारियों में से 600 को बेरोजगार कर दिया है। उबर पूरे देश में अलग-अलग टीम और लेवल ये छंटनी की है। करीब एक सप्ताह पहले ओला ने भी अपने एक-तिहाई कर्मचारियों को निकाल दिया था, जिससे 1400 लोग बेरोजगार हुए। उबर में ग्राहक और चालक दल, बिजनेस डेवलपमेंट, लीलृगल, फाइनेंस, पॉलिसी और मार्केटिंग के लोगों पर गाज गिरी है। कंपनी की ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर टीमों का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। उबर अपने सभी प्रभावित कर्मचारियों को कम से कम 10 हफ्तों का वेतन देगी।
नहीं था कोई चारा
उबर इंडिया और दक्षिण एशिया प्रेसिडेंट प्रदीप परमेस्वरन का कहना है कि कोविड-19 के प्रभाव और रिकवरी की अप्रत्याशित उम्मीद के कारण उबर इंडिया के पास अपने कार्यबल को कम करने के अलावा कोई चारा नहीं था। चालक और सवार समर्थन में 600 लोग, साथ ही साथ अन्य कार्यों को भी प्रभावित किया जा रहा है। जिन लोगों को नौकरी से निकाला गया है उन्हें 10 हफ्तों की सैलेरी के अलावा अगले छह महीनों के लिए मेडिकल बीमा कवरेज, आउटप्लेसमेंट सपोर्ट, अपने लैपटॉप रखने की अनुमति और उबर टैलेंट डायरेक्टरी में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा।
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