चीन में कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने की वजह से भारत में वस्तुएं महंगी हो रही हैं। भारत में मार्च में एलईडी बल्ब व लाइट्स की कीमतों में 10 फीसदी का इजाफा हो सकता है।
नई दिल्ली: चीन में कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने की वजह से भारत में वस्तुएं महंगी हो रही हैं। भारत में मार्च में एलईडी बल्ब व लाइट्स की कीमतों में 10 फीसदी का इजाफा हो सकता है। देश में कई चीजों के दाम आसमान छूने की कगार पर है। यदि कोरोना पर कम समय में कंट्रोल नहीं किया गया तो भारत के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो सकता है। बता दें कि कोरोना का खतरा भारत में दवा, ऑटो और अब इलेक्ट्रोनिक चीजों पर भी मंडराने लगा है। मोदी सरकार को झटका : मूडीज ने घटाया GDP ग्रोथ का अनुमान ये भी पढ़ें

कोरोना वायरस के कारण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट की बड़ी किल्लत
उद्योग संघ एल्कोमा के मुताबिक वायरस के प्रकोप के कारण भारत में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की आपूर्ति घट जाने से मार्च से यह कीमत बढ़ सकती है। बता दें कि इलेक्ट्रिक लैंप एंड कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (एल्कोमा) इंडिया ने कहा कि चीन में शटडाउन के कारण मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की तरह घरेलू लाइटिंग उद्योग भी प्रभावित हुआ है। वहीं उद्योग संघ ने कहा कि कनेक्टेड लाइटिंग सॉल्यूशन और प्रोफेशन लाइटिंग सेगमेंट पर कोरोना वायरस के प्रकोप का अधिक प्रभाव पड़ेगा। इन सेगमेंट्स में आयातित कंपोनेंट्स का अधिक उपयोग होता है। एल्कोमा के वाइस प्रेसिडेंट सुमित पदमाकर जोशी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण चिप जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट की बड़ी किल्लत होने लगी है। मांग के बराबर आपूर्ति नहीं हो रही है। जोशी सिग्नीफाई इनोवेशंस इंडिया के एमडी भी हैं। सिग्नीफाई इनोवेशंस इंडिया को पहले फिलिप्स लाइटिंग इंडिया के नाम से जाना जाता था।
बल्ब के 30 फीसदी कंपोनेंट की चीन से होती है आपूर्ति
वहीं उन्होंने कहा कि भारत में एलईडी बल्ब बनाने के लिए 60 फीसदी कंपोनेंट की आपूर्ति स्थानीय स्रोतों से होती है। ये कंपानेंट मोटे तौर पर मिकैनिकल प्रकृति के होते हैं। वहीं 30 फीसदी कंपोनेंट चीन से मंगाए जाते हैं। इन्हें इलेक्ट्रॉनिक ड्राइवर कहा जाता है। इनमें चिप भी शामिल हें। इनकी आपूर्ति कम पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अधिकतर कंपनियों के पास फरवरी तक का ही माल है। इसलिए मार्च से कीमत बढ़ सकती है। कारोबारी हालांकि दूसरे स्रोतों की तलाश कर रहे हैं।
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