नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने एक एक करके सभी क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। इसी का असर रहा कि मार्च में भारत के निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गयी। मार्च में भारत का व्यापारिक निर्यात रिकॉर्ड 34.6 फीसदी घटा, जबकि आयात में भी 28.7 फीसदी की गिरावट आई। इसकी वजह है भारत द्वारा कोविड-19 के प्रकोप से निपटने के लिए अपनी सीमाओं को सील करना। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले लगातार छह महीने तक गिरने के बाद फरवरी में भारत के गुड्स एक्सपोर्ट में 2.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। भारत के निर्यात और आयात दोनों बास्केट में 30-30 प्रमुख वस्तुएं हैं, जिनमें से 29 में मार्च में गिरावट आई। ये वैश्विक मांग पर कोरोनोवायरस महामारी के प्रभाव की गंभीरता को दर्शाता है। सिर्फ लौह अयस्क निर्यात (58.4 फीसदी) और परिवहन उपकरण (11.9 फीसदी) के आयात में ही वृद्धि दर्ज की गई।

अप्रैल में और खराब हालात के आसार
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन रवि सहगल ने कहा कि मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में तेज गिरावट कोई हैरानी की बात नहीं है, जबकि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं लॉकडाउन में हैं। उनके मुताबिक अप्रैल और भी खराब होगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार दवा और जरूरी सामानों को छोड़कर बाकी चीजों के मामले में रुक गया है। स्थिति ऐसी है कि निर्यातकों के सामने बचे रहने का संकट है। पूरे वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान भारत का निर्यात पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 4.8 फीसदी घट कर 314.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 9.1 फीसदी गिर कर 467.2 अरब डॉलर रह गया। इससे देश का व्यापार घाटा 152.9 अरब डॉलर रहा।
मार्च में घटा व्यापार घाटा
वित्त वर्ष 2019-20 की तरह मार्च में भी देश के व्यापार घाटे में कमी आई। मार्च में देश का व्यापार घाटा 9.76 अरब डॉलर का रहा। जबकि पिछले साल मार्च में यह 11 अरब डॉलर पर था। मार्च में देश का निर्यात वैल्यू में 21.41 अरब डॉलर का रहा, जबकि आयात 31.16 अरब डॉलर पर रहा। मार्च 2020 में सभी शीर्ष सेक्टरों के निर्यात में गिरावट आई, जिनमें पेट्रोलियम उत्पाद, रेडीमेड वस्त्र, इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषण, चमड़ा उत्पाद, कोयला और अन्य खनिज, प्लास्टिक और लिनोलियम, कालीन और हस्तशिल्प शामिल हैं।


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