नयी दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को अप्रैल-जून तिमाही में 2844.3 करोड़ रु भारी घाटा हुआ है। इसके मुकाबले कंपनी को पिछले साल समान तिमाही में 1203.1 करोड़ रु का मुनाफा हुआ था। बता दें दि इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। इसके पास सेक्टर में सबसे अधिक बाजार हिस्सेदारी भी है। 2019 की अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले इंडिगो की इनकम भी 91.9 फीसदी घट कर 766.7 करोड़ रु रह गई। इंडिगो को हुए इस नुकसान के पीछे असल वजह कोरोनावायरस के कारण लगाया गया लॉकडाउन है। लॉकडाउन के कारण कंपनी का कारोबार ठप्प रहा।

यात्री टिकट इनकम भी घटी
तिमाही के लिए इंटरग्लोब की पैसेंजर टिकट इनकम 93.1 फीसदी की गिरावट के साथ 585.4 करोड़ रुपये और सहायक इनकम 81.3 फीसदी लुढ़क कर 168.8 करोड़ रु रह गई। कंपनी के सीईओ रोनोजॉय दत्ता के अनुसार एयरलाइन इंडस्ट्री अस्तित्व के संकट से गुजर रही है और इसलिए हमारा कैश बैलेंस हमारी पहली प्राथमिकता है। बता दें कि इंडिगो के फ्लीट यानी बेड़े की संख्या बढ़ी है। पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले इसके पास मौजूद जहाजों की संख्या 12 फीसदी बढ़ कर 274 हो गई।
मजबूत है कंपनी की बैलेंस शीट
भारी नुकसान के बावजूद इंटरग्लोब एविएशन की बैलेंस शीट मजबूत है। इसका मुख्य कारण कंपनी के पास मौजूद 18,449.8 करोड़ रु कैश है। इसमे 7527.6 करोड़ रु का फ्री कैश शामिल है। इसने तिमाही के दौरान चार्टर उड़ानों सहित अधिकतम 418 दैनिक उड़ानों का संचालन किया। कंपनी ने 56 घरेलू गंतव्यों के लिए सेवाओं को फिर से शुरू किया है। साथ ही चार्टर ऑपरेशन के जरिए 20 अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों को सेवाएं दी हैं। खराब नतीजों पर कंपनी ने कहा कि कोरोना के कारण 24 मई 2020 तक ऑपरेशन बंद रखना और उसके बाद कम क्षमता में उड़ान शुरू करने से तिमाही नतीजों पर काफी असर पड़ा।


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