नयी दिल्ली। देश के कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ते मामलों को काबू करने के लिए सरकार ने 14 अप्रैल तक देश में लॉकडाउन लागू कर रखा है। इस दौरान लोगों को आर्थिक और बाकी दिक्कतें न हों इसके लिए सरकार ने कई उपाय किये हैं। इनमें लोगों फ्री राशन दिया जाना तक शामिल है। इसी बीच बिजली के मामले में भी राहत की खबर आई है। कुछ राज्यों ने लोगों को बिजली के बिल में राहत दी है। गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश ने बिजली उपभोक्ताओं को कोरोनवायरस के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर राहत दी है। इन तीन राज्यों ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान जनरेट होने वाले बिलों के भुगतान में छूट दी है। इससे लोगों पर बिजली के बिल का दबाव कम होगा।
गुजरात ने बढ़ाई बिल पेमेंट की अवधि
1 अप्रैल 2020 को गुजरात ने बिजली बिल भुगतान की समय सीमा को 15 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए गुजरात विद्युत नियामक आयोग (जीईआरसी) ने टैरिफ दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) वाले उपभोक्ताओं के लिए जीईआरसी ने रियायती टैरिफ की पेशकश की है जिससे उनके बिजली बिलों में 30 फीसदी की कमी आएगी। इसी तरह कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ घटा दिया गया है। कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ 1.5 रुपये प्रति यूनिट से घटा कर 80 पैसे कर दिए गए हैं।
महाराष्ट्र ने भी दी राहत
महाराष्ट्र में 25 मार्च से कमर्शियल और औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं को अगले 3 बिलिंग साइकिल के लिए फिक्स्ड चार्ज के भुगतान पर राहत दी गई है। उन्हें अगले तीन बिल में फिक्स्ड चार्ज का भुगतान नहीं करना होगा। इसके अलावा वित्त वर्ष 2020-21 की अवधि के लिए आवासीय उपभोक्ताओं के लिए बिजली टैरिफ में 5 फीसदी की कटौती की गई है। जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही कमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी रेगुलेटर ने औसतन 7 फीसदी की दर से टैरिफ कम किए हैं।
यूपी सरकार का अहम कदम
यूपी सरकार ने 1 अप्रैल को 1 मार्च से 14 अप्रैल के बीच बनने वाले बिलों के भुगतान की तारीख को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है। साथ ही भुगतान तिथि तक बिल का भुगतान करने वाले ग्राहकों को 1 फीसदी की छूट भी देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा देर से भुगतान किये जाने वाले बिलों पर किसी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। इससे पहले केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने बिजली सेक्टर के लिए एक राहत पैकेज की घोषणा की। जिसके अंतर्गत राज्य सरकारों के अंडर जो बिजली वितरण कंपनियां हैं उन्हें अगले तीन महीने तक खरीदी गई बिजली का तुरंत भुगतान करने से छूट मिलेगी। इसके अलावा उनकी बिजली खरीद के लिए जमा की जाने वाली सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि में 50 फीसदी की छूट दी गई है।


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